अयोध्या: भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर आर-पार की लड़ाई का लिया संकल्प

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी श्री राम एयरपोर्ट के विस्तारीकरण पर धर्मपुर गांव के किसानों का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। उचित मुआवजे की मांग जोर पकड़ती जा रही हैं। अधिकारियों के टालमटोल रवैए से परेशान होकर सोमवार को धर्मपुर गांव के ब्राह्मणों ने सरयू नदी में स्नान कर योगी सरकार पर उत्पीड़न का आरोप …

अयोध्या, अमृत विचार। रामनगरी श्री राम एयरपोर्ट के विस्तारीकरण पर धर्मपुर गांव के किसानों का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। उचित मुआवजे की मांग जोर पकड़ती जा रही हैं। अधिकारियों के टालमटोल रवैए से परेशान होकर सोमवार को धर्मपुर गांव के ब्राह्मणों ने सरयू नदी में स्नान कर योगी सरकार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आर पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया है।

इस दौरान धर्मपुर के नाराज किसानों ने सरकार को उखाड़ फेंकने का भी संकल्प व्यक्त किया। गांव के किसान विनय तिवारी ने बताया कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के दौरान गांव के किसानों को उचित मुआवजे का आश्वासन दिया गया था। साथ ही इसे लेकर जिलाधिकारी को निर्देशित भी किया गया था। लेकिन मौके पर अधिकारियों द्वारा डिवाइड एंड रूल की नीति अपनाकर किसानों का शोषण किया जा रहा है। किसानों को उनका उचित मुआवजा देने के बजाए उनको तरह-तरह की धमकियों से दो-चार होना पड़ रहा है।

किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि लोगों को तरह-तरह के मुआवजा दर बता कर भ्रमित किया जा रहा है। लेकिन अधिकारियों की यह मंशा फलीभूत नहीं होगी और उन्हें एयरपोर्ट के विस्तारीकरण पर कोई आपत्ति नहीं है लेकिन उनकी जमीन का उचित मुआवजा उनका अधिकार है जिस पर किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जा सकता यह उनकी वह उनकी परिवार की भविष्य का सवाल है। फिलहाल गुस्साए लोगों ने उत्तर प्रदेश के साथ संपूर्ण भारत के ब्राह्मणों से अपील की है कि मौजूदा सरकार की पूर्ण बहुमत के अहंकार को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।

फिलहाल एयरपोर्ट विस्तारीकरण के नाम पर तमाम गांव को अधिग्रहित करने की प्रक्रिया जारी है लेकिन इसमें समान रूप से मुआवजा न देने को लेकर कम मुआवजा पाने वाले किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अधिकारियों का टालमटोल पूर्ण रवैया किसानों के गुस्से में आग में घी का काम कर रहा है। आने वाले समय में यदि समय रहते किसानों की मांगों को उचित स्तर पर ना निपटाया गया तो यह संभावना प्रबल हो जाती है।

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