लखनऊ: न्याय यात्रा में बोले राहुल गांधी- हमारी सरकार आते ही पता चल जायेगा दलितों और पिछड़ों के पास कितना धन है
लखनऊ, अमृत विचार। भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी मंगलवार को लखनऊ पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुये कहा कि देश के युवा, गरीब, व्यापारी और किसान आर्थिक अन्याय झेल रहा है। लखनऊ के युवा भी मोबाइल फोन, पैंट-टीशर्ट जैसे तमाम सामान बना सकते हैं।
जिस पर मेड इन लखनऊ या मेड इन इण्डिया लिखा हो सकता है, लेकिन ऐसा होगा नहीं, क्योंकि मौजूदा समय में तो अरब पतियों और विदेशी युवाओं को फायदा पहुंचाने की साजिश चल रही है। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही हमारी सरकार आयेगी देश में हम जातिगत जनगणना लागू कर देंगे। पिछड़ों और दलितों को पता चल जायेगा कि उनके पास धन कितना है और देश की संस्थाओं में उनका स्थान क्या है।
राहुल गांधी ने कहा कि आपने इतना प्यार भरा स्वागत मेरा और भारत जोड़ो यात्रा का किया है, इससे तो यह तय हैं कि आपने मोहब्बत की हजारों दुकाने खोल दीं। ये नफरत का देश नहीं है यह देश मोहब्बत, भाईचारे का है। उन्होंने आगे कहा कि यात्रा में मैने हजारों लोगों से पूछा कि यह देश में नफरत फैल रही है इसका कारण क्या है।
किसानों, मजूदरों, बेरोजगार युवाओं ने इसका जो जवाब दिया वह बतात हूं, जवाब मिला कि राहुल जी इस देश में गरीब लोगों को न्याय नहीं मिल सकता है। न्याय तो सिर्फ उद्योग पतियों के लिए है बाकी लोग अन्याय की जिंदगी जीते हैं। यहां अलग-अलग तरह के अन्याय हो रहे हैं। सबसे पहला आर्थिक अन्याय, आज किसी भी व्यापारी से पूछो तो वह बतायेगा कि नोट बंदी और जीएसटी ने उसे खत्म कर दिया। अरबपतियों की मदद करने के लिए नोटबंदी की गई थी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवा के पास रोजगार पाने का सिर्फ एक रास्ता है प्रतियोगी परीक्षा, उसके लिए यह सालों इंतजार करते हैं। पढ़ाई करते हैं, लेकिन जब परीक्षा का समय आता है तब परीक्षा के दिन वाट्सअप पर पेपर लीक हो जाता है। अमीर बच्चे बिना पढ़ाई किये 100 प्रतिशत नंबर पाते हैं और गरीब बच्चे देखते रह जाते हैं। आज हिन्दुस्तान का युवा चाहकर भी रोजगार नहीं पा सकता।
इस दौरान राहुल गांधी ने मोबाइल फोन की तरफ इशारा करते हुये कहा कि आज जो हाथ में फोन है वह चाइना का फोन है। इसे हिन्दुस्तान के युवाओं ने नहीं बनाया। यहां यह फोन कोई अरबपति बेचता है और इसका फायदा चाइना के युवाओं को मिलता है। इसका पैसा अरबपति के जेब में जाता है। हिन्दुस्तान के युवा के जेब में एक पैसा नहीं जाता है। हिन्दुस्तान के युवा पैंट टीशर्ट मोबाइल फोन सब बना सकते हैं। मेड इन लखनऊ लिख सकते हैं, मेड इन इण्डिया लिख सकते हैं।
इसके अलावा सामाजिक अन्याय भी इस देश में हो रहा है। 50 प्रतिशत पिछड़े, 8 प्रतिशत आदिवासी, 15 प्रतिशत दलितों की इस देश में कोई भागीदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि आप कुछ भी करो आपके लिए हर दरवाजा बंद, मीडिया में आपका कोई नहीं, प्राइवेट अस्पताल आपके नहीं, कालेज नहीं आपके लिए सिर्फ मजदूरी का रास्ता है।
अग्निवीर योजना बनाकर सरकार ने पिछड़ों, दलितों और आदिवासियों को आर्मी से निकालने की योजना बनाई है। कुछ साल बाद आपको यह देखने को मिलेगा। जैसे ही हमारी सरकार आयेगी देश में हम जातिगत जनगणना लागू कर देंगे। पिछड़ों और दलितों को पता चल जायेगा कि उनके पास धन कितना है और देश की संस्थाओं में उनका स्थान क्या है।
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