Unnao: जुर्माने और सजा से बचने के लिये कोर्ट को किया गुमराह, अब दर्ज होगी FIR, जानें- पूरा मामला
उन्नाव में कूटरचित दस्तावेजों से कोर्ट को गुमराह करने का हुआ था प्रयास
उन्नाव, अमृत विचार। विद्युत चोरी के मामले की सुनवायी के दौरान जुर्माने और सजा से बचने के लिये आरोपी ने विशेष न्यायालय ईसी एक्ट (आवश्यक वस्तु अधिनियम) में शमन शुल्क व राजस्व निर्धारण की कूटरचित रसीदों की प्रतियां दाखिल कर दीं।
विभाग द्वारा क्रास चेकिंग में मामला खुला। जिस पर कोर्ट को गुमराह करने के आरोप में बांगरमऊ कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिये गये हैं।
बता दें कि विद्युत विभाग की विजिलेंस टीम ने बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के नई मजिस्द नसीमगंज मोहल्ले में 17 फरवरी-2017 को औचक छापेमारी की थी। इसमें नसीम पुत्र रईस को टीम ने एलटी लाइन से केबल जोड़कर विद्युत चोरी करते पकड़ा था।
टीम के तत्कालीन एसओ सुरेंद्र सिंह यादव ने बांगरमऊ कोतवाली में नसीम के विरुद्ध विद्युत चोरी अधिनियम की धारा-135 के तहत रिपोर्ट दर्ज करायी गयी। जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुयी।
इस दौरान नसीम ने 11 जनवरी-2024 को कोर्ट में सुनवाई के दिन एक्सईएन जय प्रकाश के हस्ताक्षर सहित प्रभारी निरीक्षक एंटी पावर थेफ्ट थाना उन्नाव को सम्बोधित पत्रांक संख्या-2159 दिनांक 7 जून-2022 व उसके साथ शमन शुल्क व राजस्व निर्धारण की कूटरचित रसीदों की प्रतियां कोर्ट में दाखिल की थीं।
रसीदों की प्रतियों को विद्युत विभाग भेजकर चेक कराया गया तो सभी फर्जी निकलीं। 31 जनवरी-2024 को कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई हुयी। आरोपी नसीम द्वारा कोर्ट में सभी अभिलेख कूटरचित होने की बात को स्वीकार कर ली।
नसीम ने कोर्ट को बताया कि अधिशाषी अभियन्ता बांगरमऊ के कथित चालक पप्पू द्वारा उससे 40 हजार रुपये लेकर यह कूटरचित अभिलेख रसीदें उसे दी गयी।
कोर्ट ने मामले में आरोपी नसीम व कथित ड्राइवर पप्पू द्वारा अभिलेखों की कूटरचना करने के अपराध में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश बांगरमऊ पुलिस को दिये हैं।
