बरेली: जेईई एडवांस में दर्जनभर से अधिक छात्रों ने लहराया परचम

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बरेली, अमृत विचार। सोमवार को ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस का रिजल्ट घोषित हुआ। इसमें बरेली के एक दर्जन से अधिक बच्चों ने परचम लहराया है। रिजल्ट आने के बाद बच्चों के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। जनकपुरी के रहने वाले यश हिरानी ने परीक्षा में 1278 रैंक प्राप्त की है। यश के …

बरेली, अमृत विचार। सोमवार को ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) एडवांस का रिजल्ट घोषित हुआ। इसमें बरेली के एक दर्जन से अधिक बच्चों ने परचम लहराया है। रिजल्ट आने के बाद बच्चों के परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। जनकपुरी के रहने वाले यश हिरानी ने परीक्षा में 1278 रैंक प्राप्त की है।

यश के पिता डॉ. मनोज कुमार हिरानी एक ऑर्थोसर्जन हैं। उनकी मां आशू हिरानी ऐनेस्थेटिस्ट हैं। यश बताते है कि उन्होंने पहली बार में ही यह सफलता हासिल की है। वह कक्षा 10 में हार्टमन कॉलेज में पढ़ते थे। इसके बाद उन्होंने 12वीं की पढ़ाई दिल्ली के एलबीएस पब्लिक स्कूल से की। वहां पर हॉस्टल में रहकर उन्होंने जेईई की भी तैयारी की। यश कम्प्यूटर इंजीनियर बनना चाहते हैं।

आशुतोष ने जिले में पाया आठवां स्थान
कोहाड़ापीर के रहने वाले आशुतोष गंगवार ने जेईई एडवांस में 2391 रैंक प्राप्त की है। आशुतोष ने पहले ही प्रयास में यह सफलता प्राप्त की। आशुतोष ने इसी वर्ष राधा माधव से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की है। उन्होंने 98.6 फीसदी अंक प्राप्त कर मंडल में तीसरा स्थान पाया था। आशुतोष ने दसवीं में भी स्कूल टॉप किया था, तब उनका जिले में आठवां स्थान था। जेईई मेंस में उनकी 97.23 परसेंटाइल थी। उनके पिता ओमेंद्र मोहन कोचिंग चलाते हैं। मां डा. सुशीला कुमारी राधा माधव में ही संस्कृत की प्रवक्ता हैं।

एक साल सिर्फ जेईई पर रहे केंद्रित
राधा माधव पब्लिक स्कूल से कक्षा 12 की पढ़ाई करने वाले पल्लव वार्ष्णेय ने दूसरी बार में जेईई एडवांस में 3570 रैंक के साथ पास की है। उन्होंने बताया कि पहली बार वह इस परीक्षा में पास नहीं हो सके थे। दूसरी बार में उन्हें कामयाबी मिली। पल्लव के पिता एक निजी अस्पताल में फार्मासिस्ट है। मां एक गृहिणी हैं।

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