Kanpur: बीमा अस्पताल हैं बीमार; मरीजों को रेफर करते हैलट, उर्सला व कांशीराम... फिर भी निरीक्षण में नहीं मिलती खामियां...

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। शहर में स्थित कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालयों की हालत भी बीमारों जैसी है, सभी अस्पतालों में सभी प्रकार की जांचों की सुविधा नहीं है। बीमा अस्पतालों में पूर्ण रूप से इलाज न मिलने पर मरीजों को हैलट, उर्सला व कांशीराम संयुक्त अस्पताल रेफर किया जाता है। वहीं, डॉक्टर व स्टाफ की भी कमी है, लेकिन निरीक्षण को आए प्रमुख सचिव अनिल कुमार को दोनों अस्पतालों में ज्यादा खामियां नजर नहीं आई। 

श्रम व सेवायोजन के प्रमुख सचिव अनिल कुमार शनिवार को शहर आए। उन्होंने जाजमऊ और पांडु नगर कर्मचारी राज्य बीमा अस्पतालों का निरीक्षण किया। दोनों अस्पतालों में व्यवस्थाओं को परखा, कुछ मरीजों से बातकर अस्पताल में दवा व जांच आदि की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान प्रमुख सचिव को अस्पतालों में सभी सुविधाएं चाक-चौबंद मिली। जबकि बीमा अस्पतालों की हालत ठीक नहीं है। 

अस्पतालों में सभी प्रकार की जांचें नहीं हो रही है और डॉक्टरों व स्टाफ की भी कमी है। वहीं, उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ से भी कुछ कई मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया शासन की मंशा है कि अस्पतालों मे आने वाले लोगों का समुचित इलाज हो और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था हो। लेकिन वह मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। कहा कि वह शासन के निर्देश पर विजिट पर आए हैं और यहां की व्यवस्थाओं को देखा हैं। 

निरीक्षण के दौरान क्या खामियां मिली आदि सवालों पर प्रमुख सचिव कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। वहीं, जानकारी देने से सीएमओ डॉ.गायत्री जैस भी बचती नजर आई। इससे साफ जाहिर है कि अस्पताल में हाइटेक सुविधाएं न के बराबर है। तभी बीमा अस्पतालों से मरीजों को हैलट, उर्सला व कांशीराम अस्पताल में रेफर किया जाता है।

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