बरेली: IFFCO पर मेहरबानी...सात दिन की मोहलत, कब्जा डेढ़ साल बाद भी नहीं हटाया

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली/आंवला, अमृत विचार: हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार करने वाले इफको के अधिकारियों के सामने पीडब्ल्यूडी के अफसर भी दबाव में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। पीडब्ल्यूडी ने दो साल पहले आंवला-भमोरा मार्ग पर इफको की ओर से किए गए अवैध अतिक्रमण हटाने को नोटिस भेजा था। इसमें सात दिन में अतिक्रमण न हटाने पर चेतावनी दी गई थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

भमोरा-आंवला स्टेट हाईवे पर चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। पीडब्ल्यूडी सड़क के मध्य से दोनों ओर 75-75 फिट भूमि पर अपना स्वामित्व होने का दावा कर चुका है। इधर, इफको ने आंवला भमोरा रोड के इफको मेन गेट और इफको टाउनशिप मुख्य द्वार के मध्य पाइप की रेलिंग लगा रखी है। बताया जाता है कि रोजगार पाने को भू-दाता इसी स्थान पर कई बार बैठकर धरना प्रदर्शन कर चुके हैं। 

किसान इस जगह पर दोबारा धरना न दें, इसलिए अधिकारियों ने कटीले तार लगवाकर जगह को पूर्ण तरीके से बंद करा दिया था। इसकी जानकारी लगने पर पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड वन के एक्सईएन राजीव अग्रवाल ने 8 सितंबर 2022 को इफको के उपमहाप्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन को पत्र भेज इफको प्लांट और टाउनशिप गेट के मध्य पाइप की रेलिंग एवं कटीले तार को अतिक्रमण की श्रेणी में आना बताकर सात दिन में हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन, इफको ने इसे आदेश को दरकिनार करते हुए अब तक न तो रेलिंग हटाई है और न ही कटीले तार।

यह भी बैकफुट पर पीडब्ल्यूडी विभाग
इफको प्लांट और इफको टाउनशिप गेट के मध्य इफको ने बीच सड़क पर एक गोलाकार चौराहा बनाया है। इफको की ओर से पीडब्ल्यूडी विभाग की सड़क के बीचों बीच किए गए इस कार्य को लेकर भमोरा के गांव सेंधा के शिशुपाल सिंह ने वर्ष 2017 में जनसूचना के माध्यम से जानकारी मांगी। जिसको लेकर 2 फरवरी 2017 को निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता ने सड़क के मध्य इफको की ओर से बनाए गए इस गोलाकार चौराहे की अनुमति संबंधित कोई भी साक्ष्य होने से इन्कार किया था। 

जवाब में कहा गया था कि विभाग किसी किसान, दुकानदार की ओर से अस्थायी अथवा स्थायी निर्माण होने पर नोटिस जारी करने के बाद अतिक्रमण व अवैध कब्जे हटाने का कार्य करता है, लेकिन इफको की ओर से कई वर्षों से अतिक्रमण कर जगह का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी आज भी चुप्पी साधे हुए हैं।

अवैध तरीके से किया गया अतिक्रमण हटाने को लेकर इफको को आखिरी नोटिस रिमाइन्डर के तौर पर भेजा गया है। यदि इसे गंभीरता से नहीं लिया तो जल्द ही टीम भेजकर अतिक्रमण हटवा दिया जाएगा--- राजीव अग्रवाल, एक्सईएन, निर्माण खंड वन।

यह भी पढ़ें- बरेली: ई-रिक्शा और टेंपो चालकों की मनमानी बरकरार, सेटेलाइट तिराहे पर लगा जाम

संबंधित समाचार