Unnao: दो दशक पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड में पांच को उम्रकैद...सात आरोपियों में दो की मुकदमे की सुनवाई के दौरान हो चुकी मौत

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

उन्नाव में दो दशक पूर्व हुए दोहरे हत्याकांड में पांच को उम्रकैद

उन्नाव, अमृत विचार। हसनगंज कोतवाली अंतर्गत करीब 20 साल पहले दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में कोर्ट ने अपना फैसला दिया है। न्यायाधीश ने हत्या में शामिल पांच लोगों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के निर्देशे दिये। इसके साथ ही दोषितों पर अर्थदंड भी लगाया है।  

हसनगंज कोतवाली अंतर्गत ताला सरायं गांव निवासी रामेश्वर सिंह पुत्र गुरु प्रसाद ने 27 अक्टूबर-2003 को अपने सगे दो भाई गिरीश सिंह व हरदयाल सिंह की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी तहरीर में उसने बताया था कि 26 अक्टूबर-2003 को उसका भाई गिरीश व साला अहिबरन व भतीजी रंजना पुत्री गिरीश सिंह घर के बरामदे में शाम करीब सात बजे बैठे थे। 

उसी दिन दीपावली का त्योहार भी था। कुछ देर बाद रज्जन सिंह व गुड्डू सिंह पुत्र जयराम सिंह, राजकुमार सिंह, उधम सिंह व उत्तर सिंह पुत्र पूरन सिंह, माडल सिंह पुत्र महराज सिंह, परशुराम पुत्र नरपत सिंह निवासी तालासरायं कोतवाली हसनगंज हाथ में कुल्हाडी व फावड़ा लेकर आए और उसके भाई गिरीश को खींचकर सुंदर पासी के दरवाजे के पास रखी लकड़ी पर उसकी गर्दन रखकर काट दी थी। 

इसके बाद सभी आरोपी उसके दूसरे भाई हरदयाल सिंह को नन्हक्के पासी के दरवाजे घसीट लाए और गला दबाकर उसकी भी हत्या कर दी थी। परिजन मदद मांगते रहे लेकिन हमलावरों के खौफ से कोई बचाने नहीं आया। आरोपी दोनों भाइयों को मारने के बाद उनके शवों को उठा ले गए। जो बाद में पुलिस ने बरामद किए। हत्या पुरानी रंजिश के चलते हुई थी।

घटना के करीब 18 वर्ष पूर्व गांव के बड़क्के पुत्र जयराम सिंह की हत्या हुई थी। जिसमें उसके भाई गिरीश सिंह व दो अन्य पर आरोप था। तत्कालीन कोतवाली एसएचओ कृष्ण कुमार यादव ने 28 अक्टूबर-2003 को दोनों भाइयों के शवों का पोस्टमार्टम कराया और साक्ष्य जुटाते हुए 21 अप्रैल-2004 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। लंबे समय से केस कोर्ट में विचाराधीन था। 

बुधवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में पूरी हुई। शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा की दलील सुनने के बाद एडीजे रवि प्रकाश साहू ने आरोपी रज्जन सिंह, गुड्डू सिंह, राजकुमार सिंह, उधम सिंह व उत्तम को सुनियोजित ढंग से दो सगे भाइयों की हत्या करने में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास के आदेश दिये। वहीं मुकदमे की सुनवाई के दौरान माडल सिंह व परशुराम सिंह की मौत हो चुकी है।

ये भी पढ़ें- Unnao Crime: संदिग्ध हालत में राजमिस्त्री के लगी गोली...मौत, परिजन कुछ भी बोलने से कतरा रहे

संबंधित समाचार