बांदा: चार माह बाद बेंदाघाट यमुना पुल से फर्राटा भरने लगे भारी वाहन, दरार आने पर रोक दिया गया था आवागमन

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

एनएचएआई की रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने दी हरी झंडी

बांदा, अमृत विचार। नेशनल हाईवे स्थित बेंदाघाट यमुना पुल मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की रिपोर्ट मिलने के बाद भारी वाहनों के गुजरने की अनुमति दे दी। करीब चार माह पूर्व पुल क्षतिग्रस्त होने पर पुल से सभी प्रकार के वाहनों के गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया था। तब से मरम्मत कार्य चल रहा था। वाहनों को बबेरू व औगासी के रास्ते लगभग 21 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर फतेहपुर व रायबरेली आना-जाना पड़ रहा था।

बांदा-टांडा नेशनल हाईवे से कानपुर व लखनऊ जाने के लिए ट्रक से लेकर बस अन्य वाहन रातों दिन गुजरते हैं। अगस्त माह में पुल की बीम में दरार आने से इसमें हादसे की आशंका बढ़ गई थी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रायबरेली के अधिकारियों ने पुल की जांच की तो जिलाधिकारी से तत्काल छोटे बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगाने का अनुरोध किया। डीएम ने अक्टूबर माह में बेंदाघाट पुल से आवागमन पर तत्काल रोक लगा दी। इसके बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम पुल का मरम्मत कार्य कर रही थी।

जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि राष्ट्रीय राज्य मार्ग संख्या- 232 (रायबरेली-बांदा खंड) में फतेहपुर व बांदा के मध्य यमुना नदी में स्थित पुल की मरम्मत का कार्य पूर्ण हो चुका है। 16 फरवरी को फतेहपुर व बांदा के मध्य स्थित यमुना नदी बेंदाघाट पुल से हल्के वाहनों का आवागमन शुरू करा दिया गया था। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, रायबरेली के परियोजना निदेशक ने बुधवार को पत्र के माध्यम से डीएम को अवगत कराया कि बेंदाघाट स्थित यमुना पुल को गुरुवार से सभी प्रकार के वाहनों के लिए खोला जा सकता है।

यह भी अनुरोध किया है कि भविष्य में इस पुल पर ओवरलोडेड व ओवर साइज वाहनों का आवागमन न हो। अन्यथा खतरे से इंकार नहीं किया जा सकता। डीएम ने कहा है कि फतेहपुर व बांदा के मध्य यमुना नदी में स्थित बेंदाघाट पुल से गुजरने वाले सभी प्रकार के वाहनों का (ओवरलोडेड छोड़कर) आवागमन बहाल किया जाता है।

उधर, इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बहाल होने पर कारोबारियों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी। इसी रास्ते कानपुर से सब्जी और अन्य सामग्री आती है। वाहनों को बबेरू-औगासी के रास्ते लगभग 21 किलोमीटर लंबा चक्कर लगाकर फतेहपुर व रायबरेली आना-जाना पड़ रहा था। वाहन स्वामियों की जेब भी हल्की हो रही थी। पुल से संचालन शुरू होने के बाद जनपद के लोगों ने राहत की सांस ली है।

यह भी पढे़ं: लखनऊ: बंद मकान में घुसे चोर, समेट ले गए लाखों का सामान, सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी वारदात

संबंधित समाचार