तहसीलदार की मनमानी से अधिवक्ताओ में रोष, दो माह से चल रहा तहसील में कार्य बहिष्कार
कोरांव/प्रयागराज, अमृत विचार। तहसील में तैनात तहसीलदार इन दिनों अपनी मनमानी कार्य प्रणाली को लेकर सुर्खियों में हैं। उनकी कार्य प्रणाली पर अब सवाल उठने लगे है। बीते दो माह से तहसीलदार ने कार्य बहिष्कार कर रखा है। अधिवक्ताओ का आरोप है कि तहसीलदार अपनी मनमानी कर रहे है। जिसके कारण अधिवक्ताओं को परेशानियां हो रही है। कार्य बहिष्कार होने से तहसील में कार्य ठप पड़ा हुआ है। जिससे अधिवक्ताओ में रोष है।
बता दें कि कोरांव तहसील में अधिवक्ताओ ने वहां पर तैनात तहसीलदार अजय संतोषी पर गंभीर आरोप लगाए है। अधिवक्ताओ का कहना है कि तहसीलदार पिछ्ले दो माह से कोई कार्य नहीं कर रहे है। अधिवक्ता कोई भी कार्य लेकर जाते है तो उन्हे वापस कर दिया जाता है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि वह अपने करीबियो के कार्यो में ज्यादा दिलचस्पी लेते है। बाकी किसी भी अधिवक्ता का कार्य नही करते है। इससे अधिवक्ताओं को अपमानित होना पड़ रहा है। तहसील में दाखिल खारिज की प्रक्रिया नही हो पा रही है। अधिवक्ताओं ने पूर्व में सम्पूर्ण समाधान में पहुंचे जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल से इस मामले में शिकायत भी की थी। जिलाधिकारी ने बार-बेच में सामंजस्य बनाकर कार्य करने की नसीहत दी थी, लेकिन तहसीलदार कोरांव के सेहत पर कोई असर नही पड़ा। तहसीलदार की कार्यप्रणाली से नाराज अधिवक्ताओ ने भी अब तहसील में कार्य का बहिष्कार कर दिया है। जिसके कारण न्यायिक कार्य पूर्ण रूप से ठप है। वहीं उच्चाधिकारियों ने इस मामले को अभी तक संज्ञान में नहीं लिया है।
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