गेहूं खरीद के पहले दिन गोंडा में क्रय केंद्र पर दिखा सन्नाटा, नहीं पहुंचा एक भी किसान

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Edited By Amrit Vichar
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आधी अधूरी तैयारी के बीच खोले गये क्रय केंद्र, जिले में तैयार नहीं है गेहूं की फसल 

गोंडा, अमृत विचार। मूल्य समर्थन योजना के तहत जिले में गेहूं खरीद को लेकर क्रय केंद्र स्थापित कर दिया गया है। मंडी में विभिन्न एजेंसियों के 11 क्रय केंद्र किसानों के गेहूं को खरीदने के लिए स्थापित किए गए हैं। गेहूं क्रय नीति के अनुसार इस बार गेहूं खरीद एक मार्च से शुरू करने का आदेश था जिसको लेकर केंद्र स्थापित कर दिए गए हैं। हालांकि अभी गेहूं खरीद की तैयारी आधा अधूरी है। बड़ी मुश्किल से क्रय केंद्र पर बैनर लगाए जा सके हैं। जिले में अभी गेहूं की फसल तैयार भी नहीं है। 

पहले खरीद की शुरुआत अप्रैल माह में होती थी। लेकिन इस बार 15 मार्च से गेहूं खरीद की शुरुआत का आदेश आया था। फिर तीन दिन पहले गेहूं खरीद सत्र 2024 25 की शुरुआत एक मार्च से करने को कहा गया जिसको लेकर गेहूं खरीद से जुड़े अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में क्रय केंद्र पर संसाधन जुटाए जाने लगे। किसी तरीके से केंद्र का शुरुआत कर दिया गया। खरीद के पहले दिन कोई भी किसान गेहूं बेचने के लिए सरकारी करें केंद्र पर नहीं आया। पहले से ही लोगों को अंदेशा था कि अभी जनपद में फसल तैयार नहीं है ऐसे में कोई आएगा नहीं। लेकिन सरकार के फरमान को लेकर गेहूं खरीद से जुड़े विभागों में हलचल रही। 

जिला खाद्य विपणन अधिकारी ने गल्ला मंडी पहुंचकर केंद्र का निरीक्षण करते हुए केंद्र प्रभारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। इस बार गेहूं खरीद के लिए 6 एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई है। अब तक जनपद में 98 क्रय केंद्र अनुमोदित हो चुके हैं। मूल्य समर्थन योजना के तहत इस बार किसानों से गेहूं 2275 रुपए प्रति  कुंतल के भाव से खरीदा जाएगा। गेहूं खरीद केंद्र पर केंद्र प्रभारी सुबह से पहुंचकर केंद्र पर कुर्सी बैनर आदि की व्यवस्था में जुटे रहे । जिला खाद्य विपणन अधिकारी प्रज्ञा मिश्रा ने बताया कि जनपद में अब तक गेहूं खरीदने के लिए 98 क्रय केंद्र का अनुमोदन किया गया। मंडी स्थल पर स्थापित  क्रय केंद्र का निरीक्षण किया गया है। मेज बैनर आदि की व्यवस्था हो गई है। लेकिन पहले दिन कोई किसान गेहूं बेचने के लिए नहीं आया। गेहूं बेचने के लिए 1300 से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है।

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