बरेली: यहां बिना सिफारिश के नहीं लिखी जाती रिपोर्ट, अपराधों की चिंता न बेबस आंसुओं का असर... ये हे थाना प्रेमनगर
ई रिक्शा चोरी होने के बाद दो सप्ताह से रोज चक्कर काट रहे बुजुर्ग को दुत्कार कर भगाया, विधायक की सिफारिश के बाद भी नहीं लिखी रिपोर्ट
ओमेंद्र सिंह/बरेली, अमृत विचार। कानून-व्यवस्था के दावों में तो इतनी चमक है कि आंखें चौंधिया सकती हैं लेकिन उसका असल हाल देखकर 75 साल के हरिमोहन की आंखों में अंधेरा छाया हुआ है। 18 फरवरी को उनका ई रिक्शा चोरी हो गया था जो परिवार का पेट भरने का एकमात्र साधन था, तब से वह रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए रोज थाना प्रेमनगर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस हर रोज उन्हें दुत्कार कर भगा देती है। शुक्रवार को वह एक विधायक के दरबार में जाकर गिड़गिड़ाए और उनसे फोन कराकर फिर थाने पहुंचे लेकिन पुलिस ने फिर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
राजेंद्रनगर में रहने वाले हरिमोहन चावला ने बताया कि ई रिक्शा उनका बेटा चलाता था। उसी की कमाई से पूरे परिवार का पेट भरता था। 18 फरवरी को शाम करीब पांच बजे कोई उनके घर के बाहर से उसे चुरा ले गया। वह थाना प्रेमनगर में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। शुक्रवार को थाने में आंसुओं से डबडबाई आंखें लिए खड़े हरिमोहन ने बताया कि 18 फरवरी के बाद कोई ऐसा दिन नहीं गया है, जब उन्होंने थाने का चक्कर न काटा हो। पुलिस उनसे ठीक से बात तक नहीं करती, अगले दिन आने को कहकर लौटा देती है।
उन्होंने बताया कि पुलिस नहीं सुन रही है, इसलिए शुक्रवार को सुबह वह एक विधायक के पास गए थे। विधायक ने उनके सामने इंस्पेक्टर को फोन भी किया। इसके बाद वह तहरीर देने थाने आए लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट लिखने से फिर इन्कार कर दिया। बुजुर्ग हरिमोहन ने बताया कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज भी है जिसमें चोर ई रिक्शा चुराकर ले जाते दिखाई दे रहे हैं लेकिन पुलिस कुछ सुन ही नहीं रही है।
पुलिस का नारी वंदे : आज हमला किया है, रिपोर्ट लिखाई तो मार देगा... डरकर लौट गई महिला
थाना प्रेमनगर में शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे इलाके की एक महिला अपने पति के साथ लिखित शिकायत लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंची। मोहल्ले के ही एक टेलर पर उसने मामूली विवाद के बाद कैंची से हमला कर देने का आरोप लगाया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उसे डराकर लौटा दिया। उससे कहा कि रिपोर्ट दर्ज कराओगी तो मुकदमा चलेगा। हमेशा के लिए दुश्मनी हो जाएगी। आज उसने हमला किया है, कल वह तुम्हें मार भी सकता है। इसलिए अच्छा रहेगा कि फैसला कर लो। इसके बाद महिला डर गई। उसके पति ने भी रिपोर्ट दर्ज कराने से इन्कार कर दिया। दोनों अपनी शिकायत वापस लेकर लौट गए।
उद्यमी ने कहा- रेकी कर रहा है कोई, पुलिस बोली- कुछ हो तो फोन कर देना
हरिमोहन चावला जैसे गरीब ही नहीं, पुलिस इतनी बेकाबू हो गई है कि उद्योगपतियों को भी थानों से मायूस लौटना पड़ रहा है। प्रेमनगर इलाके में रहने वाले प्लाईवुड फैक्ट्री के मालिक डॉ. शुभम को भी शुक्रवार को थाना प्रेमनगर से रिपोर्ट दर्ज कराए बगैर लौटना पड़ा। दो साल पहले उनके पिता संजीव गर्ग की 20 किलो सोना और करोड़ों का कैश लूटकर हत्या कर दी गई थी। शुभम ने बताया कि अब कई दिन से उनकी भी रेकी की जा रही है। उन्हें शक है कि उनकी रेकी करने वाले उनके पिता के हत्यारे हो सकते हैं।
डॉ. शुभम गर्ग ने बताया कि उनके पिता संजीव गर्ग की हत्या उनके मौसेरे भाइयों ने भाड़े के हत्यारों से कराई थी। हत्या करने वाले सुपारी किलर जयपुर और हरियाणा के हैं। पिछले कुछ दिनों से उनकी भी रेकी की जा रही है। लगातार एक कार उनका पीछा कर रही है। वह कई दिन से नोटिस कर रहे हैं कि जब भी वह कहीं निकलते हैं तो कार उनके पीछे लग जाती है। शुक्रवार को वह कार का नंबर और सीसीटीवी फुटेज लेकर रिपोर्ट दर्ज कराने थाना प्रेमनगर पहुंचे थे लेकिन पुलिस ने उनकी तहरीर लिए बगैर उनसे कह दिया कि कुछ हो तो वह फोन कर दें, पुलिस तुरंत पहुंच जाएगी।
सुर्खियों में रहा था संजीव गर्ग हत्याकांड
संजीव गर्ग की हत्या काफी चर्चित रही थी। बदमाशों ने उन्हें फैक्ट्री से लौटते वक्त अगवा करने के बाद घर से सोना और करोड़ों का कैश मंगाया था और फिर रॉड से पीटकर फतेहगंज पश्चिमी इलाके में हत्या कर दी थी। हत्या के खुलासे के लिए 50 से ज्यादा पुलिसकर्मियों के साथ एसपी ग्रामीण, एसपी क्राइम और सीओ को लगाया गया था।
अगर किसी की शिकायत नहीं सुनी जा रही है तो गलत है। पीड़ित लोग मुझसे मिलकर अपनी समस्या बता सकते हैं। ऐसा क्यों हो रहा है, इस बारे में इंस्पेक्टर से बात करेंगे। - संदीप कुमार, सीओ फर्स्ट
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