गरीब को न्याय कहां मिलता है साहब! संपूर्ण समाधान दिवस पर पहुंचे फरियादियों ने बयां किया दर्द

 गरीब को न्याय कहां मिलता है साहब! संपूर्ण समाधान दिवस पर पहुंचे फरियादियों ने बयां किया दर्द

अरुण पांडेय/सोहावल, अयोध्या, अमृत विचार। संपूर्ण समाधान दिवस पर आने वाली शिकायतों में आधी ऐसी होती हैं जो बार बार लाई जाती है, लेकिन फिर भी न्याय नहीं मिल पाता। शिकायतों पर जांच और कार्रवाई की रिपोर्ट इस तरह लगाई जाती है कि समस्या का न निदान होता है न ही शिकायतकर्ता को संतुष्टि मिलती है। शनिवार को अमृत विचार ने ऐसे ही कुछ फरियादियों से बातचीत की। 

अरुवावा निवासी युवक मो. कमाल पुत्र इस्लाम ने पूरे सिस्टम की पोल खोलते हुए कहा गरीब को न्याय कहां मिलता है साहब। पिछले 15 साल से दौड़ रहा हूं, लेकिन आज तक न सही पैमाइश हो सकी न ही मुझे जमीन मिल पाई। 2009 में पहली शिकायत मेरे पिता जी ने डाली थी जो अब नहीं रहे। 

इसी तरह राम तीरथ तिवारी ने तीसरी बार शिकायत देते हुए कहा छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर कई माह से दौड़ रहा हूं, लेकिन धड़पकड़ नहीं कराई गई। धरम पाल निषाद निवासी पिंडावा की पांचवी बार शिकायत रही की क्षेत्रीय लेखपाल खसरा की नकल नहीं दे रहा। पिरखौली निवासी निर्मला देवी ने शिकायत दर्ज कराई और बताया कि हर समाधान दिवस पर राशन कार्ड में नाम जुड़वाने की गुहार कर रही हूं। चौथी शिकायत दी है लेकिन कोई सुनता ही नहीं। 

हरीराम निवासी सौरी ने कहा 21 साल पुराने पट्टे की भूमि को अब तक संक्रमणीय नहीं किया गया। दो माह से लगातार शिकायत करता आ रहा हूं। भाकियू नेता सभासद फरीद अहमद ने कहा प्राथमिक शिक्षा की दुर्व्यवस्था को लेकर तीसरी बार शिकायत की है, लेकिन न्याय की जगह अधिकारी लीपापोती की रिपोर्ट लगा रहे हैं।

गुणवत्ता पूर्ण और निष्पक्षता से जांच और कार्रवाई के निर्देश हैं, लेकिन शिकायत के प्रति शिकायतकर्ता की अपेक्षा अधिक होती है। इसलिए उन्हें कार्रवाई सही नहीं लगती है...,विनोद कुमार चौधरी, तहसीलदार।

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