मुरादाबाद: जल निगम को मिलने वाली रकम मांगेगा नगर निगम
मुरादाबाद,अमृत विचार। जल निगम के खाते में आने वाली रकम निगम के खजाने में पहुंच सकती है। नगर निगम खुद उस रकम को लेने के लिए शासन को पत्र लिखेगा। दरअसल, जो पैसा नगर निगम मांगने जा रहा है वह महानगर की सड़क निर्माण का है। सीवर प्रोजेक्ट के तहत जल निगम ने इन सड़कों …
मुरादाबाद,अमृत विचार। जल निगम के खाते में आने वाली रकम निगम के खजाने में पहुंच सकती है। नगर निगम खुद उस रकम को लेने के लिए शासन को पत्र लिखेगा। दरअसल, जो पैसा नगर निगम मांगने जा रहा है वह महानगर की सड़क निर्माण का है। सीवर प्रोजेक्ट के तहत जल निगम ने इन सड़कों को उधेड़ दिया था। उसको दोबारा बनाने का काम भी उसी का है। लेकिन यह विभाग जो निर्माण कर रहा है, उसमें तमाम खामियों की शिकायतें नगर आयुक्त की टेबल पर पहुंच रही है। लगातार मिल रही इन शिकायतों के चलते नगर आयुक्त ने यह फैसला लिया है।
नमामि गंगे योजना के तहत महानगर में सीवर लाइन प्रोजेक्ट पर काम किया गया। इस प्रोजेक्ट पर जल निगम को कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। सीवर लाइन महानगर की गलियों और सड़कों में बिछनी थी, लिहाजा सड़कों की खुदाई होनी लाजमी है। हालांकि सड़कों की ज्यादा क्षति न हो, इसको लेकर ट्रेंचलेस विधि का भी प्रयोग प्रस्ताव में शामिल किया गया था। उसके बावजूद शहरी की भीतर की सड़कें पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं। अब जब जल निगम ने उन्हें उधेड़ा है तो उसे वापस तैयार करने का जिम्मा भी उसी का होगा। उसने कुछ सड़कों पर काम करना भी शुरू कर दिया है।
लेकिन जो काम वह कर रहा है, उसमें तमाम खामियां निकलकर आ रही हैं। जो नालियां व पुलिया टूट गईं, उसे पुन: तैयार नहीं किया जा रहा है। सड़के अधूरी छोड़ दी जा रही है और जो बन रही है वह समतल न होने के कारण परेशानी का कारण बनी हैं। गुणवत्ता भी ठीक न होने की शिकायतें आ रही है। यह मामला कार्यकारिणी की बैठक में भी पूर जोर तरीके से पार्षदों ने उठाया था। अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन तक पहुंचाने की तैयारी चल रही है।
नगर निगम संजय चौहान ने कहा कि महानगर की सड़कें नगर निगम के अधीन आती हैं। सड़कें ठीक से नहीं बनी होंगी तो शिकायत भी नगर निगम से की जाएगी। ऐसे में इन सड़कों का ठीक से निर्माण होना जरूरी है। निर्माण की रकम शासन से जल निगम को मिलनी है। यदि नगर निगम द्वारा सड़क बनाने की अनुमति शासन से मिलेगी तो सड़क बनाने का काम हमारे द्वारा किया जाएगा। इसमें योजना के तहत जो सड़क निर्माण का बजट है, वह जल निगम के वजाय नगर निगम को मिलेगा।
महापौर विनोद अग्रवाल ने कहा कि जनता नहीं जानती कि सड़क कौन बना रहा है। सड़क ठीक नहीं होगी तो नगर निगम की जवाबदेही बनती है। जब शिकायतें निगम को ही झेलनी है तो निर्माण कोई और क्यों करे। जल निगम सड़क को ठीक से बनाता तो हमे कोई आपत्ति नहीं होती। लेकिन जिस तरह से वह काम कर रही है, बहुत शिकायतें है। इस मामले में शासन को पत्र लिखा जाएगा। उनसे सड़क को लेकर की जा रही कमियों को बताया जाएगा। साथ ही निर्माण निगम करे, इसका सुझाव दिया जाएगा।
