बरेली: हेराफेरी में घिरे SWC में अब गुटबाजी, मेयर-सांसद से RM की शिकायत कराने में था ठेकेदार का हाथ

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

टेंडर और खाद्यान्न घोटाले में घिरे आरएम पांच साल से हैं बरेली में तैनात

बरेली, अमृत विचार। एसडब्ल्यूसी (राज्य भंडारण निगम) पर खाद्यान्न की हेराफेरी के आरोप पहले से लगते रहे हैं लेकिन अब निगम में ही दो गुट एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो गए हैं। पिछले महीने आंवला सांसद और मेयर की ओर से आरएम को सपा का करीबी और भ्रष्ट बताकर हटाने के लिए मुख्यमंत्री को लिखी गई चिट्ठी के पीछे भी इसी गुटबाजी का हाथ बताया जा रहा है।

आरएम एसएन यादव के खिलाफ चिट्ठी लिखवाने में एक ट्रांसपोर्ट हैंडलिंग ठेकेदार की भूमिका बताई जा रही है जिसकी वजह से रसुइया गोदाम से 105 बोरी खाद्यान्न हेराफेरी से जुड़े मामले में एसएन यादव पर आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि जिस ट्रक में बोरी पकड़ी गई थीं, वह इसी ठेकेदार का था। अपनी गर्दन बचाने के लिए इस मामले में एक डिपो प्रभारी को नाप दिया गया था।

विभागीय सूत्रों के मुताबिक 2019 में जब मुरादाबाद और बरेली दोनों मंडल एसएन यादव के क्षेत्राधिकार में थे, तब भी वह चहेते ठेकेदारों को मनमानी दरों पर परिवहन ठेका देने में फंसे थे। उन्हें यहां से हटाकर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर बरेली में रविंद्र कुमार को तैनात कर दिया गया था। कुछ समय बाद सपा के एक वरिष्ठ नेता के करीबी सत्ताधारी मंत्री की पैरवी पर एसएन यादव को दोबारा बरेली का चार्ज दे दिया गया था।

खेल बिगड़ा तो खटकने लगे आरएम
करीब पांच साल से बरेली में तैनात एसएन यादव टेंडर घोटाले समेत कई आरोपों में घिर चुके हैं। कहा जा रहा है कि ट्रांसपोर्ट हैंडलिंग ठेकेदार और विभाग के कुछ कर्मचारी एसएन यादव से परेशान हैं। इसीलिए मेयर और सांसद से सीएम को पत्र लिखवाया गया। कुछ समय पहले सपा नेता के ठेकेदार बेटे ने आरएम पर पैसा मंगाने के तक आरोप लगाए थे। उसने एसडब्ल्यूसी कार्यालय के आगंतुक रजिस्टर पर भी लिख दिया था कि आरएम पैसा मांगते हैं।

जान-माल के लिए खतरा बताया, किया कुछ नहीं
एसएन यादव ने वरिष्ठ लेखाधिकारी संजीव मिश्रा और अंकित मिश्रा को 24 जनवरी को पत्र लिखकर कहा था कि ठेकेदार बिना किसी काम रोज चार से पांच घंटे कार्यालय बैठते हैं। दिसंबर 2023 से ठेकेदार लगातार बैंक गारंटी वापस करने का अनुचित दबाव बना रहा है। एसएन यादव ने दोनों बाबुओं पर गोपनीय विभाग की सूचनाएं लीक करने के आरोप के साथ उनसे जान-माल के लिए खतरा बताते हुए स्पष्टीकरण मांगा लेकिन इसके बाद चुप्पी साध ली।

मेयर-सांसद ने पत्र क्यों लिखा, यह वही बता सकते हैं। मेरे स्तर से कार्यालय की गोपनीय सूचनाएं लीक करने के मामले में दो बाबुओं का स्पष्टीकरण मांगा गया था - एसएन यादव, आरएम एसडब्ल्यूसी।

ये भी पढे़ं- बरेली: निजी फार्म के खेल में आरोपी छात्र पर FIR, चीफ प्राक्टर की तहरीर पर बारादरी पुलिस ने की रिपोर्ट

संबंधित समाचार