बरेली: एसटीपी के शोधित पानी से होगी जंक्शन पर रेल कोचों की सफाई

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मुरादाबाद रेल मंडल से हुआ करार, सरायतल्फी से जंक्शन तक पाइप लाइन बिछाने के लिए 22 करोड़ का प्रोजेक्ट

सुरेश पांडेय/बरेली,अमृत विचार। जंक्शन पर अभी ट्रेनों में कोचों की सफाई के लिए रोज हजारों लीटर शुद्ध पानी का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अब यह बर्बादी रोकने का रास्ता ढूंढ लिया गया है। रेल कोचों को अब शुद्ध पानी के बजाय सरायतल्फी एसटीपी में शोधित पानी से साफ किया जाएगा। रेलवे टीम के बरेली के दौरे के बाद इसके लिए समझौता हो चुका है। एसटीपी में शोधित पानी की जंक्शन तक सप्लाई के लिए पाइप लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है। जल निगम ने इसके लिए 22 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया है।

सरायतल्फी में 35 एमएलडी (350 लाख लीटर) क्षमता का एसटीपी शुरू हुए कई महीने हो चुके हैं। फिलहाल इस एसटीपी में शहर के नालों से 15 से 18 एमएलडी पानी ही पहुंच रहा है जिसका शोधन कर उसे आसपास किसानों के खेतों और रामगंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। अब इस पानी के बेहतर इस्तेमाल की योजना तैयार की गई है। दरअसल, अमृत-2 योजना में एसटीपी बनाने के साथ उसके पानी का दोबारा इस्तेमाल करने का भी प्रावधान है। यह जिम्मेदारी जल निगम को दी गई है। एसटीपी में पर्याप्त पानी की उपलब्धता के बाद अब यहां शोधित पानी के दोबारा इस्तेमाल का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है।

योजना के तहत शोधित पानी के दोबारा इस्तेमाल की दिशा में पहला एग्रीमेंट रेलवे के साथ हुआ है। पिछले दिनों मुरादाबाद रेल मंडल की टीम ने इसी सिलसिले में बरेली का दौरा किया था। रेलवे की वाशिंग लाइन सुभाषनगर मालगोदाम रोड पर है। यहां फिलहाल रेलवे की अपनी पाइप लाइन के जरिए कोचों की सफाई होती है। अब यहां एसटीपी के शोधित पानी से कोचों की सफाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि जल निगम ने बीडीए और उद्यान विभाग को भी शोधित पानी देने का प्रोजेक्ट बनाया है। इसके लिए एक प्वाइंट बनाया जाएगा। टैंकर के जरिए भी पानी की सप्लाई दी जा सकेगी।

सात एमएलडी पानी देने का रेलवे से एग्रीमेंट
जल निगम के अफसर एसटीपी के पानी के दोबारा इस्तेमाल के लिए कई विभागों के चक्कर लगा चुके हैं। पहले इज्जतनगर मंडल में संपर्क साधा गया था लेकिन यहां रेल कोचों की सफाई के लिए वाशिंग लाइन न होने के कारण बात आगे नहीं बढ़ पाई। इसके बाद मुरादाबाद मंडल में संपर्क किया गया जहां जल निगम का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद डीपीआर तैयार हुई। पाइप लाइन बिछाकर रेलवे को 70 लाख लीटर शोधित पानी की सप्लाई देने के लिए 22 करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। रेल अफसरों की टीम के आने की पुष्टि जल निगम के सहायक अभियंता प्रवीन कुमार ने की है।

नगर निगम तय करेगा शोधित पानी का मूल्य
एसटीपी से शोधित पानी के मूल्य का निर्धारण नगर निगम करेगा। एसटीपी में बिजली की खपत ज्यादा है। इसका खर्च भी नगर निगम को ही वहन करना होगा जिसे वह पानी बेचकर उठाएगा। जलकल के अधिशासी अभियंता सिद्धार्थ कुमार ने बताया कि एसटीपी के शोधित पानी का ब्योरा अभी नहीं आया है। इसके आने के बाद शोधित पानी की दरें तय की जाएगी।

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