Budaun: दस्तावेज में हेराफेरी करके पूरी संपत्ति की करा दी वसीयत, उपनिबंधक प्रथम समेत चार लोगों पर FIR

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार: षड्यंत्र रचकर और दस्तावेज में हेराफेरी करके एक महिला की पूरी संपत्ति की वसीयत करा ली गई। कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर उपनिबंधक प्रथम, प्रलेखक समेत तीन लोगों पर मिलीभगत का आरोप लगाया गया। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली सदर पुलिस ने उपनिबंधक प्रथम सदर, प्रलेखक समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की।

कोतवाली बिल्सी क्षेत्र के गांव बरनी ढकपुरा निवासी सिद्धार्थ ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी दादी यानी उनके पिता मिस्टर सिंह की चाची विचित्रा देवी की कोई संतान नहीं थी। उनके पिता और दो ताऊ उनकी संपत्ति के वारिस हैं। नियम के अनुसार चाची की मौत के बाद उनकी पूरी संपत्ति उनके वारिसों को मिलनी चाहिए थी। 19 अगस्त 2011 को दादी ने कुछ संपत्ति की वसीयत कोतवाली उझानी क्षेत्र के कस्बा के मोहल्ला अहिरटोला निवासी अतर पाल, भगवान सिंह, बालिस्टर सिंह पुत्र कल्याण सिंह के नाम पर कर दी। 

उपनिबंधक प्रथम के यहां रजिस्ट्री हुई। आरोप है कि इसके बाद सब रजिस्ट्रार की मिलीभगत से प्रलेखक महावीर प्रसाद, अतरपाल सिंह, भगवान सिंह, बालिस्टर सिंह ने षड्यंत्र रचा। साजिश करके और दस्तावेज में हेराफेरी करके विचित्रा देवी की पूरी संपत्ति की वसीयत करा ली। कोतवाली सदर पुलिस को तहरीर दी लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। 

उन्होंने जिलाधिकारी और एसएसपी को भी पत्र भेजा इसके बाद भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। कोर्ट के आदेश पर उपनिबंधक प्रथम, प्रलेखक महावीर प्रसाद, अतरपाल सिंह और भगवान सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बालिस्टर सिंह की मौत हो चुकी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सदर कोतवाल बिजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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