अयोध्या: रामकथा पार्क में राजस्थानी भवई ने जीता दिल...

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रामकथा पार्क में नुकीले कीलों और तलवार की धार पर लोकनृत्य ने मोहा, गूंजे राम भजन

अयोध्या, अमृत विचार। रामकथा पार्क में बुधवार शाम सुरों से श्रीराम की आराधना गोरखपुर से आए बृज बिहारी दुबे और उनके साथियों ने प्रस्तुत की। अपने घर आईके रघुराईं" के बोलो ने प्राण प्रतिष्ठा के अवसर को जीवंत कर दिया। 

लखनऊ से आई प्रख्यात भजन गायिका विजयलक्ष्मी और उनके दल ने उपस्थित दर्शकों को भक्तप्रवर हनुमान जी की वंदना बजरंगी लाए खबरिया गाकर विभोर कर दिया। राम लखन बसे मेरी कुटिया में भक्तों के भाव छलक रहे थे तो होली खेले रघुबीरा में अवध की होली के मर्यादित रूप में रामजी का आदर्श सभी को मोह रहा था। 

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बाड़मेर राजस्थान से आए जगदीश पंचारिया के दल ने भवई नृत्य प्रस्तुत करके राजस्थान की लोक कला के रंग मंच पर बिखेरे। महिला कलाकार ने सर पर दस घड़े रखकर नंगे पैर नुकीले कीलों पर खड़े होकर नृत्य किया तो पांडाल तालियों से गूंज उठा।

टूटे कांच के टुकड़ों,परात पर, शीशे के दो गिलास पर,गिलास पर तश्तरी के ऊपर गिलास पर नृत्य करके सभी को विस्मित किया। सोनू सेन,पुष्कर प्रदीप,जानकी गोस्वामी प्रकाश और बाबू खां सहयोगी कलाकार  रहे। वृंदावन से आए आशीष सिंह के दल ने लोक नृत्यों पर लोक भजनों के माध्यम से नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। 

लखनऊ से आई निशु त्यागी के दल ने केवट प्रसंग,शबरी मिलन जैसे भावुक प्रसंगों को मंचित करके दर्शकों की आंखे सजल कर दी।संचालन आकाशवाणी के उद्घोषक देश दीपक मिश्र ने किया।अंतरराष्ट्रीय रामायण एवम वैदिक शोध संस्थान के निदेशक डाॅ लवकुश द्विवेदी के निर्देशन पर कलाकारों का सम्मान समन्वयक अतुल कुमार सिंह ने किया।

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