सपा विधायक इरफान व भाई रिजवान की कानपुर में 200 करोड़ की संपत्ति; पांच वर्षों में कमाए इतने करोड़...

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Edited By Amrit Vichar
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अधिवक्ता ने छापे पर उठाया सवाल

कानपुर, अमृत विचार। सपा विधायक इरफान सोलंकी पर ईडी के छापे के दौरान पता चला कि वर्ष 2016 से 2022 तक उनके विधायक रहने के दौरान उनकी संपत्ति 282 प्रतिशत बढ़ गई जबकि उनकी आय में कोई वृद्धि नहीं हुई है। जांच में इरफान की कई बेनामी संपत्तियां भी सामने आईं हैं। 

आरोप है कि राजनैतिक प्रभाव और अपराध से अवैध रूप से कमाए गए धन को वैध करने के लिए कई फर्जी व्यवसायिक संस्थाएं भी बनाईं। बैंक अकाउंट की पड़ताल से पता चला है कि पिछले पांच वर्षों में इरफान को नकद और ट्रांसफर के माध्यम से लगभग साढ़े 12 करोड़ रुपये मिले। जबकि आयकर रिटर्न में केवल छह लाख रुपये प्रतिवर्ष औसत आय दिखाई थी। 

इरफान- रिजवान की 200 करोड़ की संपत्तियां

सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी की कानपुर में तकरीबन 200 करोड़ की संपत्तियां हैं। यह कमिश्नरेट पुलिस की जांच में सामने आया था। कई संपत्तियां पुलिस पहले ही सीज कर चुकी है। 

विधायक, रिजवान और उनकी पत्नी के नाम पर चकेरी स्वर्ण जयंती विस्तार योजना में 300 वर्ग मीटर के तीन प्लॉट हैं। विधायक के नाम पर गाजियाबाद में 300 वर्गमीटर का प्लॉट, ग्रेटर नोएडा स्थित फ्लैट समेत 25 से 30 करोड़ की संपत्तियां हैं। 

इरफान और उनके भाई रिजवान सोलंकी ने 10 सालों में टेनरी से लेकर कई बड़े व्यापार शुरू किए। जाजमऊ और आर्यनगर समेत कई बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट में भी करोड़ों रुपये का निवेश किया। इतना बड़ा निवेश कहां से आया, कैसे कमाया गया? इसको लेकर ईडी ने जांच शुरू की है।

बिल्डर के साथ दंगे का मास्टरमाइंड है हाजी वसी 

तीन जून को नई सड़क पर हुए दंगे में बिल्डर हाजी वसी को जेल भेजा गया था। बेकनगंज थाना क्षेत्र स्थित यतीमखाना, नई सड़क में तीन जून 2022 को भाजपा नेता नुपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद हिंसा भड़क गई थी। हिंसा को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। 

दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव, फायरिंग और पेट्रोल बम चले थे। बिल्डर हाजीवसी पर फंडिंग के आरोप लगे थे। नई सड़क हिंसा के बाद पुलिस ने उसे आरोपी बनाया था। इसके साथ ही उसकी कई बिल्डिंगों को सील कर दिया गया था। उसपर गैंगस्टर भी कार्रवाई की गई थी। वह जमानत पर बाहर चल रहा है।

फरारी में मदद की थी नूरी शौकत ने

हिस्ट्रीशीटर शौकत अली नूरी शौकत के पिता हैं। शौकत अली की फर्म वाशहस बिल्डर के नाम से थी। वाशहस बिल्डर फर्म में इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी पार्टनर थीं। ईडी की टीम ने नूरी शौकत और उनके पिता की फर्म से जुड़े कागजात भी देखे। नूरी शौकत से पूछताछ भी की गई। 

जाजमऊ आगजनी मामले में जब इरफान सोलंकी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरारी काट रहे थे। उसी दौरान नूरी शौकत पर फर्जी आधार कार्ड बनवाने और हवाई जहाज की टिकट बुक कराने के आरोप लगे थे। पुलिस ने नूरी शौकत और इरफान सोलंकी समेत सात लोगों के खिलाफ ग्वालटोली में मुकदमा दर्ज कराया था।

अधिवक्ता ने छापे पर सवाल उठाया

विधायक इरफान के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इरफान के जाजमऊ स्थित घर में परिजन मौजूद नहीं हैं। विधायक की पत्नी उनसे मिलने महराजगंज गई हैं। ईडी टीम ने घर के सभी कैमरों के कनेक्शन भी काट दिए हैं।

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