बरेली: शिव तांडव स्त्रोत पर दस हजार लोगों ने बजाए डमरू...रचा कीर्तिमान, उमड़ा आस्था का सैलाब
महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर शिवमय हुआ बरेली कॉलेज
बरेली, अमृत विचार। पहली बार मनाए जा रहे नाथ महोत्सव के तीसरे दिन बरेली कॉलेज का मैदान शिवमय में नजर आया। महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक में आस्था का रंग चढ़ा था। शिव तांडव के स्त्रोत के बीच करीब दस हजार शिव भक्तों ने जैसे ही डमरू का वादन किया तो हर किसी का रोम-रोम प्रफुल्लित हो गया। इस दृश्य को हर कोई यादगार बनाने के लिए अपने मोबाइल में कैद करता दिखा।
गुरुवार को प्रांत संघचालक शशांक भाटिया, प्रांत प्रचारक डाॅ. हरीश रौतेला, वन एवं पर्यावरण मंत्री डाॅ. अरुण कुमार, बाल व्यास रोहितानन्द महाराज ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद प्रभु श्रीराम राम, माता सीता, लखन लाल और हनुमान की सुंदर झांकियां निकाली गईं। झांकियों का स्वागत विभाग सह संघ चालक राजकुमार और सह प्रांत कार्यवाह राजपाल सिंह, विभाग प्रचारक धर्मेंद्र भारत, महानगर प्रचारक मयंक साधु ने किया। इस दौरान कृष्णा ग्रुप और प्रसिद्ध भजन गायिका अंजली द्विवेदी के भजनों पर लोग झूम उठे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर प्रचार प्रमुख विकास सक्सेना ने बताया कि 10 हजार छाेटे डमरू और दो सौ के करीब बड़े डमरू थे। भक्तों को सभी डमरू वितरित किए। इसके बाद शिव तांडव स्त्रोत पर एक साथ दस हजार शिव भक्तों ने डमरू बजाकर नया कीर्तिमान रच दिया। कलाकार साधना ने शिव तांडव स्त्रोत की नाट्य प्रस्तुति कर मन मोह लिया। प्रांत प्रचारक, वन मंत्री और मेयर डाॅ. उमेश गौतम ने पत्रिका ‘शिवोदय’ का विमोचन किया। संचालन डाॅ. गोविंद दीक्षित ने किया।
सरोजनाथ महाराज, लाल बाबा, नीरजानंद महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, सांसद धर्मेंद्र कश्यप, विधायक डाॅ. राघवेंद्र शर्मा, डाॅ. डीसी वर्मा, डाॅ. एमपी आर्या, संजीव अग्रवाल, एमएलसी महाराज सिंह, विभाग प्रचार प्रमुख धर्मेंद्र सचान, महानगर सह कार्यवाह आलोक प्रकाश, प्रसून अग्रवाल, पवन अरोरा, दुर्गेश गुप्ता, भाजपा के महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना मौजूद रहे।
शारीरिक कमजोरी पर भारी पड़ी आस्था, दिखा उत्साह
नाथ महोत्सव में बुजुर्गों के साथ दिव्यांग भी शामिल हुए, मगर उनका उत्साह कम नहीं था। कई बुजुर्ग ऐसे थे, जिन्हें चलने फिरने में दिक्कत थी, मगर वे अपनों का सहारा लेकर यहां आए थे।
सांस्कृतिक, धार्मिक पहचान को पुनर्स्थापित करने के लिए अनुकूल हो व्यवहार : हरीश
नाथ महोत्सव के दौरान मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डाॅ. हरीश रौतेला ने लोगों से आह्वान किया कि बरेली की पहचान नाथ नगरी के रूप में बढ़ाने के लिए आम लोगों को आगे आना होगा। कहा कि भगवान शिव त्याग और समर्पण के प्रतीक हैं। समुद्र मंथन के बाद जब सभी के बीच अमृतपान की होड़ थी तो उस समय में विष पान कर सृष्टि को बचाने का काम नीलकंठ ने किया था। सेतुबंध रामेश्वरम को बनाने से पहले श्रीराम ने शिव की स्तुति की थी। शासन और प्रशासन के प्रयासों से नाथ गलियारा बन रहा है। शहर के प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं। हम सभी का दायित्व है कि नाथ नगरी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को पुनर्स्थापित करने के लिए कार्य और व्यवहार उसी के अनुकूल हो।
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