बरेली: फार्म तो पहले ही जमा हो गया था, विषय संशोधन में पकड़ा गया खेल

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Edited By Amrit Vichar
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कॉलेज ने प्रो. रीना अग्रवाल के नेतृत्व में सात सदस्यी समिति बनाई

बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में रुहेलखंड विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा के प्राइवेट फार्म जमा करने का खेल शायद पकड़ में नहीं आता, क्योंकि छात्रों ने फर्जी तरीके से फार्म फारवर्ड कर जमा करा दिए थे। ये फार्म सत्यापित भी हो गए थे। फर्जीवाड़े में फार्म में विषय चयन में गलती हो गई। इस पर छात्र फार्म में विषय परिवर्तन कराने पहुंचे थे और जब स्टाफ ने फर्जी रसीद देखी तो पता चला। इसके बाद प्राचार्य को जानकारी दी और फिर छात्र को पुलिस के हवाले किया गया। वहीं प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने प्रो. रीना अग्रवाल के नेतृत्व में सात सदस्यी जांच समिति बनाई है।

कॉलेज सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 4 मार्च को आकाश सिंह और पवन गौतम बरेली कॉलेज में फार्म जमा करने वाले काउंटर पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारी राजकुमार गुप्ता से कहा कि उसके फार्म में गलत विषय भर गए हैं, जिसे उसे परिवर्तित कराना है। उसने कमरा नंबर पांच के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने रसीद दिखाने के लिए कहा तो शक हुआ। उन्होंने मनोज सिंह को सूचना दी। दोनों ने देखा कि रसीद पर कर्मचारी प्रवीन कुमार के हस्ताक्षर हैं। इस पर एजेंसी से पता किया गया कि क्या प्रवीन कुमार की आईडी चल रही है लेकिन कोई आईडी नहीं चल रही थी। यही नहीं प्रवीन कुमार कई महीने से ड्यूटी पर ही नहीं आ रहे हैं। 

इसके अलावा रसीद का रंग भी अलग था। इस पर प्राचार्य प्रो. ओपी राय और चीफ प्रॉक्टर को सूचना दी गई। दोनों छात्रों को ले जाया गया। यहां पर दोनों छात्रों ने बताया कि उनका फार्म नितिन ने जमा किया था। इस पर पंकज अग्रवाल ने फोन कर नितिन को बुलाया। इसके बाद उससे पूछताछ की गई तो उसने 10 से 12 फार्म जमा करने और इसके बदले में 50 रुपये फार्म मिलने के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसने विद्यार्थी परिषद के निखिल का नाम बताया। निखिल कॉलेज के पूर्वी गेट पर कैफे चला रहा था।

अब तक करीब 14 हजार फार्म हुए जमा
प्राचार्य ने जांच समिति में प्रो. रीना अग्रवाल को समन्वयक, प्रो. आलोक खरे, प्रो. राजेंद्र सिंह, डॉ. दयाराम गंगवार, डॉ. ओमकार, ओएस पंकज अग्रवाल और मनोज सिंह को सदस्य बनाया है। कॉलेज में अब तक करीब 14 हजार परीक्षा फार्म जमा किए जा चुके हैं। मंगलवार को दो सौ और बुधवार को 120 फार्म भरे गए। दोनों दिनों में सौ-सौ फार्म पुराने भरे गए। वहीं कॉलेज ने वेबसाइट से मिलान शुरू कर दिया है, जिसमें अब तक कुछ ही फार्म गलत तरीके से जमा किए हुए मिले हैं। अब जांच समिति कॉलेज में अब तक जमा किए फार्म और विश्वविद्यालय में फारवर्ड किए गए फार्म की संख्या का मिलान किया जाएगा। जो फार्म गलत माने जाएंगे, उन छात्रों को परीक्षा देने से वंचित किया जाएगा।

कैफे बंद, हटवाने के लिए नगर आयुक्त को लिखा पत्र
कॉलेज के पूर्वी गेट पर चल रहे साइबर कैफे से फर्जीवाड़े का खेल हुआ है। इससे पहले प्रवेश के दौरान भी खेल सामने आए थे। दो कैफे वाले आपस में झगड़ा भी कर चुके हैं। अब प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर दोनों कैफे को हटवाने को कहा है। इसकी कॉपी डीएम और एसएसपी को भी भेजी गई है। फिलहाल दोनों कैफे अभी बंद हैं।

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