Exclusive: इंडोस्कोपिक विधि से नाक के रास्ते निकाला जा रहा दिमाग से ट्यूमर; हर महीने हो रही सौ से ज्यादा सफल सर्जरी
कानपुर, विकास कुमार। जीएसवीएसस पीजीआई के न्यूरो साइंस सेंटर में इंडोस्कोपिक विधि से सर्जरी मरीजों के लिए वरदान जैसी बन गई है। इस विधि से सिर में बड़े टांको और चीरे के निशान से मुक्ति मिल गई है। चिकित्सक मस्तिष्क के ट्यूमर को नाक के रास्ते आसानी से निकाल रहे हैं। यही वजह है कि सेंटर में प्रतिमाह सौ से अधिक मरीजों की सर्जरी की जा रही है।
कानपुर के आसापास के जिलों में न्यूरो साइंस सेंटर नहीं होने से ब्रेन इंजरी, ब्रेन ट्यूमर और मस्तिष्क की अन्य जटिलताएं होने पर मरीज सुपर स्पेशियलिटी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट (जीएसवीएसएस पीजीआई) में इलाज के लिए आते हैं। अभी तक ब्रेन से ट्यूमर निकालने में डॉक्टरों को खासी मशक्कत करनी पड़ती थी।
मरीज के सिर में टांके या चीरे का निशाना बना रहता था। लेकिन अब यहां न्यूरो साइंस सेंटर में इंडोस्कोपिक विधि से सर्जरी की जा रही है। न्यूरो साइंस विभाग के प्रमुख डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि दिमाग का ट्यूमर निकालने के लिए अब सर्जरी नहीं करनी पड़ती है।
इंडोस्कोपिक विधि से नाक के रास्ते मस्तिष्क में जाकर ट्यूमर निकाल लिया जाता है। इसके अलावा लेजर नेवीगेशन पद्धति से भी ट्यूमर की सर्जरी होती है। इसमें मरीज की स्वस्थ कोशिकाएं सुरक्षित रहती हैं। सिर्फ प्रभावित कोशिकाओं की ही सर्जरी की जाती है। मरीजों को अधिक दिन अस्पताल में रुकना भी नहीं पड़ता है।
आंख की नसों व तंत्रिका की भी जांच और इलाज
नेत्र रोग में मरीज की आंखों की नसों और तंत्रिकाओं में दिक्कत हो जाती है। डॉ. मनीष सिंह ने बताया कि ऐसे न्यूरो नेत्र रोगियों की जांच और इलाज के लिए जल्दी ही न्यूरो एनेस्थिसिया विभाग खुलेगा। इसमें एक प्रोफेसर समेत तीन विशेषज्ञों के पद हैं। विभाग में डॉक्टर डीएम और एमसीएच की पढ़ाई कर सकेंगे।
