Kanpur: शहर के इस बाजार में पार्किंग न होने से लगता जाम; अतिक्रमण रास्ता रोकता, दो पहिया वाहन लेकर जाना भी मुश्किल...

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। हूलागंज और बर्तन बाजार में अतिक्रमण के साथ पार्किंग नहीं होने की समस्या सबसे ज्यादा परेशान करती है। चार पहिया वाहन की कौन कहे, दो पहिया लेकर जाने वाले ग्राहकों को ही समझ में नहीं आता कि वाहन खड़ा कहां करें। दोनों बाजारों में सड़क की चौड़ाई तो ठीक है, लेकिन तख्त डालकर दुकानें सजाने और सड़क पर ही वाहन खड़े करने की मजबूरी के चलते बाजार में अगर दो लोडेड वाहन आमने-सामने आ जाएं तो रास्ता साफ होने में आधा घंटा तक लग जाता है।  

लखनऊ फाटक के सामने से हूलागंज और बर्तन बाजार के लिए सड़क जाती है। मालरोड से घंटाघर जाने वाली एक्सप्रेस रोड की नहर पटरी से भी दोनों बाजारों में आवागमन होता है। हूलागंज बाजार में घुसते ही सामने लाइन से नमकीज की दुकानें नजर आती हैं। दुकानों के बाहर तख्त, मेज, क्रेट लगाकर सड़क पर करीब पांच फिट दुकानें सजाई जाती हैं। यह हाल सड़क के दोनों तरफ है। 

ऐसे में अगर एक लोडर भी फंस गया तो घंटाघर जाने वाली सड़क के साथ बाजार की रोड जाम होने लगती है। हूलागंज बाजार की पूरी रोड पर अतिक्रमण है। यही हाल बर्तन बाजार का भी है। यहां दुकानों के बाहर अतिक्रमण कुछ कम है तो सड़क पर वाहनों का जमावड़ा रहता है। 

दुकानदार कहते हैं कि बाजार में अतिक्रमण की समस्या सबसे ज्यादा है। जाम से बचने के लिए अधिकतर दुकानदार अपने वाहन बाजार से दूर स्टैंड पर खड़ा करते हैं। बाजार में दिनभर इतने ई-रिक्शा खड़े होते हैं, कि अधिकांश समय उनके कारण ही जाम लगता रहता है। 

सड़क पर लोडिंग और अनलोडिंग 

बर्तन बाजार और हूलागंज मार्केट में काफी संख्या में दुकानें या गोदाम गलियों में हैं। इनका माल आएदिन ट्रकों या लोडरों से आता है। ऐसे में अगर चार दुकानों का माल दिन में आ गया तो जाम से काफी समय बर्बाद हो जाता है। ट्रक बाजार की सड़क पर ही खड़े होते हैं और माल उतारने या लादने में दो घंटे तक समय लगता है। चार ट्रक आने का मतलब दिन भर रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है। 

100 रुपये स्टैंड के देने पड़ते 

दुकानदारों के अनुसार बाजार में जाम न लगे इसलिए काफी व्यापारी या दुकानदार अपने वाहन बाजार से बाहर स्टैंड पर खड़े करते हैं। चार-पांच घंटे वाहन खड़े करने के लिए कम से कम 100 रुपया रोज और महीने में तीन हजार रुपये तक देते हैं। अगर आसपास स्टैंड हो तो जाम की समस्या काफी खत्म हो जाएगी।  

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