रामपुर : ट्रेन रोकने पहुंचे गुस्साए किसान, रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ तैनात
जानकारी मिलने पर रेलवे प्रशासन हो गया सक्रिय, स्टेशन अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन, रेलवे स्टेशन परिसर में किसानों को रोककर अधिकारियों ने लिया ज्ञापन
रामपुर, अमृत विचार। अपनी समस्याओं को लेकर ट्रेन रोकने जा रहे किसानों को आरपीएफ और जीआरपी ने स्टेशन परिसर में घुसने से रोक दिया। इससे पहले किसानों ने आंबेडकर पार्क में पंचायत की और नारे लगाते हुए हाईवे से होते हुए रेलवे स्टेशन पहुंचे। लेकिन, इससे पहले रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान तैनात हो गए और किसानों से स्टेशन अधीक्षक ने ज्ञापन ले लिया।
भारतीय किसान यूनियन असली के जिलाध्यक्ष मोहम्मद रफीक के नेतृव में किसान आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। इसके बाद रणनीति तैयार करके किसान हाईवे पर नारेबाजी करते हुए रेलवे स्टेशन की ओर चल दिए। किसानों के ट्रेन रोकने आने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस सतर्क हो गई। पुलिसकर्मियों ने किसानों पूछताछ काउंटर के पास ही रोक लिया। इसके बाद किसानों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि 11 दिसंबर 2021 को दिल्ली में संयुक्त मोर्चा द्वारा किसान आंदोलन स्थगित करते समय भारत सरकार ने लंबित मांगों को पूरा करने का लिखित वादा किया था। लेकिन वह मांगें अभी तक पूरी नहीं हुई हैं। देश के दो बड़े किसान मंचों संयुक्त किसान मोर्चा एवं किसान मजदूर मोर्चा ने मजदूरों की मांगें पूरी कराने का ऐलान किया है।
उनकी मांग है कि पूरे देश में सभी फसलों की एमएसपी एवं गन्ने की एफआरपी व एसएसपी खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए और किसानों का कर्ज माफ किया जाए। लखीमपुर खीरी नरसंहार के दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 को पूरे देश में पुन: लागू किया जाए। भारत विश्व संगठन से बाहर आए एवं सभी मुक्त व्यापार समझौते पर रोक लगाई जाए। किसानों एवं खेत मजदूरों को पेंशन दी जाए। विद्युत संशोधन विधयेक 2020 को निरस्त किया जाए। मनरेगा के तहत प्रति वर्ष 200 दिन का रोजगार 700 रुपये का मजदूरी भत्ता दिया जाए। ज्ञापन देने वालों में शेर सिंह मौर्या, खलील अहमद, आशिफ हुसैन, वीरेंद्र सिंह, अमरपाल सिंह यादव, भूरे खां, फहीम, शाह जमान खां, इशरत अली, रामनाथ मौर्या आदि मौजूद रहे।
छावनी में तब्दील हुआ रेलवे स्टेशन
किसानों के ट्रेन रोकने आने की जानकारी मिलने के बाद आरपीएफ और जीआरपीएफ के प्रभारी सक्रिय हो गए । उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बाद सभी पुलिसकर्मी पूछताछ कक्ष के आसपास आ गए। उसके बाद किसानों को आते ही रोक लिया। उसके बाद स्टेशन अधीक्षक आ गए। किसान रेलवे स्टेशन के अंदर जाने के लिए प्रयासरत थे लेकिन पुलिस ने उनको रोक लिया। इस दौरान कुछ देर तक नोकझोंक हुई,लेकिन अंदर नहीं जाने दिया।
किसान रेलवे स्टेशन पर आने का प्रयास कर रहे थे लेकिन उनको पहले ही रोककर ज्ञापन स्टेशन अधीक्षक को दिलवा दिया। सुबह से जानकारी मिलने के बाद पुलिस बल को तैनात कर दिया था।- दिनेश कुमार मीणा, आरपीएफ इंचार्ज
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