बरेली: सभी तहसीलों में दो-दो खनन पट्टों को अनुमति देने की तैयारी
राकेश शर्मा, बरेली। कई तहसीलों में पुलिस प्रशासन की साठगांठ से हो रहे अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए जिला खनन विभाग नदियों के किनारे बालू खनन के संभावित खंडों में खनन कराने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए कुछ दिन पहले जनपद की सभी तहसीलों से खनन वाले खंडों की सूची मांगी …
राकेश शर्मा, बरेली। कई तहसीलों में पुलिस प्रशासन की साठगांठ से हो रहे अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए जिला खनन विभाग नदियों के किनारे बालू खनन के संभावित खंडों में खनन कराने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए कुछ दिन पहले जनपद की सभी तहसीलों से खनन वाले खंडों की सूची मांगी गई थी।
बहेड़ी, मीरगंज, आंवला, सदर तहसील, फरीदपुर और नवाबगंज तहसीलों ने खनन के संभावित खंडों की सूची जिला खनन विभाग को उपलब्ध करा दी है। खंडों की जांच कराने के लिए जिला खनन अधिकारी ने खनन निदेशक से सर्वेयर भेजने की मांग की है। लखनऊ से सर्वेयर आकर खंडों में यह जांच करेंगे कि बालू खनन खंडों में कितनी गहरायी तक कराया जा सकता है? बालू की गुणवत्ता कैसी है?। बालू की गुणवत्ता अच्छी होगी, तभी पट्टों को महंगे दामों में आवंटित हो सकते हैं।
जिला खनन अधिकारी कमल कश्यप के अनुसार हर तहसील में दो खंडों में खनन शुरू कराने की योजना है। सभी तहसीलों ने दो से अधिक संभावित खंडों की सूची भेजी है। नए खनन पट्टे शुरू होने से सरकार के राजस्व में भी करोड़ों रुपये की बढ़ोत्तरी होगी। जनपद में अभी बहेड़ी क्षेत्र के दो खनन पट्टों में ही सालों से खनन कराया जा रहा है। जिला खनन अधिकारी ने बताया कि सर्वेयर के निरीक्षण के बाद चयनित खंडों को आवंटित करने की अनुमति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
तहसीलों में जाकर खंडों की तलाश को किया प्रेरित
अपर जिलाधिकारी वित्त मनोज कुमार पांडेय और जिला खनन अधिकारी कमल कश्यप ने तहसीलों में संभावित खंडों में खनन शुरू कराने की तैयारी सितंबर माह से शुरू कर दी थी। बहेड़ी, मीरगंज समेत कई तहसीलों में दोनों अधिकारी गए और राजस्व कर्मियों को खनन वाले खंडों का चयन करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद तहसील कर्मियों ने खंडों को चयनित कर रिपोर्ट भेजी।
मोहम्मदपुर और टियूला गांव के पास दो पट्टों में कराया जाता है खनन
वर्तमान में बहेड़ी तहसील के मोहम्मदपुर और टियूला गांव से गुजरने वाली किच्छा नदी के किनारे दो पट्टों में खनन कराया जा रहा है। ये पट्टे पांच-पांच साल के लिए आवंटित किए गए हैं। तीन साल पहले पट्टे आवंटित हुए थे। पिछले साल पट्टों की आड़ में यहां अवैध खनन कराया गया। इसकी गूंज शासन तक पहुंची थी। लखनऊ से आयी खनन विभाग की टीम ने निरीक्षण में अवैध खनन पकड़ा, तब खनन पर रोक लगाने के साथ पट्टाधारकों पर जुर्माना भी पड़ा था। इस बार 1 अक्टूबर से पट्टों पर खनन शुरू होना था लेकिन जिस क्षेत्र में खनन कराया जाता है। वहां पर पानी भरा होने से खनन शुरू नहीं कराया जा सका है।
