बहराइच में भी गाजीपुर जैसा हो चुका है बस हादसा, 14 वर्ष पूर्व 50 से अधिक बरातियों की हुई थी मौत

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Edited By Amrit Vichar
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बहराइच, अमृत विचार। गाजीपुर में सोमवार को ही घटना ने बहराइच की घटना को ताजा कर दी। कुछ इसी तरह 14 वर्ष पूर्व जिले के कुड़वा में बारातियों से भरी बस करंट की चपेट में आ गई थी, जिसमें कई बराती जिंदा जल गए थे। जबकि हादसे में एक बालिका समेत तीन लोग ही बचे थे। पूरी बस जलकर राख हो गई थी।

बिजली विभाग की जरा सी लापरवाही कई लोगों की जिंदगी को अपने आगोश में ले लेती है। इसका मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्र में नीचे झूल रहे बिजली के तार हैं। इन तारों से ही विभाग बिजली की सप्लाई देता है। लेकिन जो तार अधिक नीचे हैं, के आए दिन हादसे को दावत देते हैं। 

सोमवार को गाजीपुर जिले में बारात लेकर जा रही बस में करंट लगने से आग लग गई। जिसमें कई लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। गाजीपुर की इस घटना बहराइच जिले के विकास खंड मिहीपुरवा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुडवा में हुई अग्निकांड की घटना को ताजा कर दिया है। वर्ष 2009-10 में बस से बाराती कुड़वा ग्राम पंचायत में गए थे। 

इसके बाद सभी वापस बारात लेकर जा रहे थे बस के ऊपर लोहे का बक्सा और साइकिल रखा हुआ था। मिहिपुरवा कुड़वा मार्ग पर नीचे लटकी एचटी लाइन की चपेट में बक्सा आ गया। इसके उसी समय किसी बराती ने पैर नीचे कर दी। वैसे ही पूरे बस में आग लग गई। बाराती आग लगने से जिंदा जलने लगे थे, चीख पुकार मच गई। 

आसपास से गांव के हजारों के भीड़ एकत्रित हो गई थी। कुछ ही देर में पूरी बस जलकर राख हो गई थी। बस में 50 से अधिक बरातियों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। यह घटना पूरे देश में छाई रही। बहराइच की यह घटना ने गाजीपुर में हुए घटना की याद दिला दी।

बालिका समेत तीन की बची थी जान

नगर पंचायत मिहीपुरवा निवासी वरिष्ठ नागरिक बलराम तिवारी ने बताया कि लगभग 14 से 15 वर्ष पहले बस जली थी। जिसमें एक बालिका प्लास्टिक की बाल्टी में होने के चलते बची थी। जबकि दो अन्य लोग उसी के सहारे बच गए थे। आग की घटना में 50 से 60 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी।

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