Kanpur: शहर के इस बाजार में पार्किंग अव्यवस्था से आधा रह गया कारोबार, रखरखाव न होने से यूरिनल पड़े बेकार
कानपुर, अमृत विचार। शहर की सबसे प्रतिष्ठित नवीन मार्केट बाजार मूलभूत सुविधाओं से जूझ रही है। रोज लाखों रुपये राजस्व देने वाले बाजार में पार्किंग सबसे बड़ी समस्या है। पार्किंग व्यवस्था व पिछले पांच साल से चल रहे मेट्रो निर्माण कार्य के कारण व्यापार आधा हो चुका है। ग्राहकों की सुविधा के लिए बाजार में बनाए गए रैंपों पर स्ट्रीट वेंडर्स ने कब्जा कर रखा है। नालियां चोक होने के कारण सीवर का पानी बाजार में भरा रहता है।

1948 में करीब 25 दुकानों से स्थापित हुई नवीन मार्केट बाजार में आज करीब 550 से अधिक सोने-चांदी, फुटवियर, कॉस्मेटिक, गारमेंट, महिलाओं की एसेसरीज की दुकानें है। बाजार में आम दिनों में रोज 20 से 25 हजार ग्राहक आते हैं, त्योहारों के सीजन में यह संख्या एक लाख पार कर जाती है। लेकिन रोजाना अनुमानित दो करोड़ से अधिक का टर्नओवर करने वाली बाजार अव्यवस्थाओं का दंश झेल रही है। सबसे बड़ी मुसीबत पार्किंग की है।
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पार्किंग व वर्ष 2019 से मेट्रो के निर्माण कार्य के चलते व्यापारियों का कारोबार पहले की अपेक्षा आधा रह गया है। बाजार में छह फिट का फुटपाथ है, अतिक्रमण के कारण पूरी तरह से गुम हो चुका है। दुकानदारों ने 10-10 फिट तक अतिक्रमण का जाल फैला रखा है। इससे 40 फिट चौड़ी सड़क पर निकलना मुश्किल होता है।
नवीन मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन के मुताबिक परेड चौराहे के पास क्रिस्टल पार्किंग मंट गाड़ी खड़ी कर बाजार में आने से ग्राहकों को असुविधा होती है। परेड चौराहे पर धमाचौकड़ी करने वाले ई-रिक्शा अक्सर ग्राहकों को टक्कर मार देते है। बाजार में व्यापार बढ़ाने का मूलमंत्र पार्किंग की सुविधा देना है।

ग्राहक दुकानों के बाहर पार्किंग कर खरीदारी करना चाहता है, लेकिन ऐसी सुविधा न होने से बाजार आने से कतराता है। पदाधिकारियों के मुताबिक नवीन मार्केट को नो पार्किंग जोन बनाया गया था, लेकिन मेट्रो निर्माण कार्य के कारण बाजार में पार्किंग की सुविधा दी गई। जिस पर सोमदत्त प्लाजा के व्यापारी भी अब मार्केट में दोपहिया वाहनों की पार्किंग करने लगे हैं।
बाजार में सुव्यवस्थित पार्किंग के लिए एसोसिएशन की तरफ से छह गार्डों की व्यवस्था की गई है। ग्राहकों की सुविधा के लिए कई स्थानों पर बनाए गए रैंप पर बाहर के स्ट्रीट वेंडर्स ने कब्जा कर रखा है, जिससे ग्राहकों को दुकानों में आने में असुविधा होती है। विरोध करने पर स्ट्रीट वेंडर्स विवाद करने पर आमादा हो जाते है।
यूरिनल में भरता गंदा पानी, स्ट्रीट लाइट जलती नहीं
नवीन मार्केट में 12 यूरिनल बने हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में खराब होते जा रहे है। इन यूरिनल में पानी की कोई सुविधा नहीं है। सीवर सफाई न होने से गंदा पानी ओवर फ्लो होकर यूरिनल में भर जाता है। वहीं बाजार में करीब 24 स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, जिनमें 12 खराब पड़ी हैं। बाजार में जल निकासी की कोई सुविधा नहीं है। अतिक्रमणकारियों ने नालियों पर कब्जा कर रखा है, जिससे बारिश के समय जलभराव होता है।
नगर निगम के भवन हो रहे जर्जर
मार्केट की पहली मंजिल पर बनी दुकानों में वर्षों से मरम्मत न होने के कारण दुकानें जर्जर हो रही हैं। करीब 25 दुकानें ऐसी है, जो पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। दुकानदारों के मुताबिक किराया देने के बावजूद बाजार में मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया है।
