बरेली: इफको और किसानों के बीच वार्ता रही बेनतीजा, SDM बोले- योग्यता के आधार पर मिले रोजगार
आंवला, अमृत विचार: एसडीएम कार्यालय में इफको अधिकारियों और किसान यूनियन के बीच वार्ता हुई। जिसमें एसडीएम तल्ख नजर आए। उन्होंने हीला हवाली छोड़कर योग्यता के आधार पर किसानों को रोजगार देने की बात कही। किसानों ने विभिन्न आरोप लगाकर टाइम आफिस से जॉब कार्ड जारी न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी। वहीं इफको अधिकारियों ने किसानों की मांग पर पुनः विचार करने की मोहलत मांगी है। दोनों पक्षों में सहमति न बनने के कारण एसडीएम ने शुक्रवार को पुनः बैठक बुलाई है।
भूदाता किसान भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में 9 फरवरी से तहसील कार्यालय के सामने इफको में रोजगार पाने को धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मंगलवार की शाम हुई वार्ता में किसानों ने बताया कि लिखित समझौता हुए करीब 14 माह हो चुके है। समझौते में तीन माह के अंदर सभी भूदाताओं को माह में 24 दिन योग्यता के आधार पर रोजगार देने की बात हुई थी। परंतु उनके साथ इफको अधिकारी खिलवाड़ कर रहे हैं। पहले 40 लोगों की सूची जारी की और बाद में 60 लोगों की सूची जारी कर 31 मार्च तक रोजगार देने की बात कही। दोनों सूचियों के सौ भूदाताओं में मात्र 20 से 25 किसानों को रोजगार दिया गया है।
ठेकेदार भूदाताओं से गटर, और शौचालय की सफाई करा रहे हैं। उन्हें 24 दिन के स्थान पर मात्र पांच से 12 दिन रोजगार दिया जा रहा है। ठेकेदार भूदाताओं को रोजगार के लिए फोन करने के दौरान पहले ही पांच से 12 दिन काम मिलने और सफाई कार्य होने की बात करते हैं। इसलिए भूदाता काम नहीं कर रहे हैं। किसान नेता ऊदलसिंह वर्मा ने आरोप लगाते कहा कि इफको अधिकारी लाखों रुपये लेकर इफको में परमानेंट करवा रहे हैं। यदि भूदाताओं को नौकरी दी जाएगी तो उनकी कमाई प्रभावित होगी।
इसलिए जानबूझकर भूदाताओं को नौकरी नहीं दी जा रही है। किसानों ने टाइम आफिस से जॉब कार्ड जारी कराने की मांग की। इफको अधिकारियों ने कहा कि सूची में अंकित कई किसान काम करने से इनकार कर रहे हैं। एसडीएम गोविंद मौर्य ने इफको अधिकारियों से कहा कि वह ठेकेदारों से बात कर पर किसानों को समझौते के मुताबिक रोजगार दें। उन्होंने कहा कुछ भी करके किसानों को रोजगार दें।
तहसीलदार अर्चि गुप्ता ने इफको अधिकारियों से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इफको अधिकारियों ने सोच विचार करके समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौता करके 14 माह तक सो गए। यह तरीका ठीक नहीं है। समझौते में एसडीएम के भी हस्ताक्षर है।
तत्काल निर्णय लेकर किसानों के साथ न्याय करें। एसडीएम ने इफको अधिकारियों से शुक्रवार तक निर्णय लेने का समय दिया है। बैठक में इफको की ओर से जेजीएम सत्यमूर्ति पौलराज, उज्जवल सिंह एडवोकेट, किसान यूनियन की ओर से महाराज सिंह यादव, ऊदल सिंह वर्मा, ओमशंकर सक्सेना, वीर सिंह, बसंत कुमार मौर्य, सुशील मौर्य, देवेंद्र राजपूत, जानकी प्रसाद मौर्य, आदि मौजूद रहे।
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