लखनऊ: विभाग के हितों और उपभोक्ता सेवा का उद्देश्य बनाकर करेंगे काम
लखनऊ, अमृत विचार। निजीकरण के बाद सुधार कार्यक्रम और रेग्यूलेशन 1970 के अनुसार लंबित पदोन्नतियों के निस्तारण किए जाने की मांग को लेकर विद्युत परिषद आशुलेखक संघ उत्तर प्रदेश की बैठक हुई। इस दौरान संघ के अध्यक्ष वीके सिंह कलहंस ने कहा कि किसी भी डिस्काम या कंपनी को बचाने की जिम्मेदारी हमारी है। हमें …
लखनऊ, अमृत विचार। निजीकरण के बाद सुधार कार्यक्रम और रेग्यूलेशन 1970 के अनुसार लंबित पदोन्नतियों के निस्तारण किए जाने की मांग को लेकर विद्युत परिषद आशुलेखक संघ उत्तर प्रदेश की बैठक हुई। इस दौरान संघ के अध्यक्ष वीके सिंह कलहंस ने कहा कि किसी भी डिस्काम या कंपनी को बचाने की जिम्मेदारी हमारी है। हमें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना होगा। इसके साथ ही विभाग के हितों का ध्यान रखकर काम करना होगा। साथ ही हमारा उद्देश्य बेहतर राजस्व वसूली, बिजली चोरी रोकना और उपभोक्ताओं के हितों में काम करना है।
संघ के अध्यक्ष ने कहा कि हम अपने संघ के माध्यम से कहते हैं कि सभी कार्यालयों में उपभोक्ता देवो भव का पट्टिका लगाकर उपभोक्ताओं की सेवा करें। ताकि विभाग की सभी समाज और लोगों के बीच बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के समस्याओं का समाधान करना और उनका सम्मान करना हम सभी की प्राथमिकता है।
वहीं संघ के केंद्रीय महामंत्री जगदीश चंद्र कलानी ने प्रबंधन से वर्षों से लंबित पदोन्नतियों के रेग्यूलेशन 1970 के अनुसार निस्तारण करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा उच्च न्यायालय के निर्णय का सम्मान न करते हुए करके आशुलेखकों की भर्ती बिन्दु को नहीं सुधारा जा रहा है। इसके साथ ही पदोन्नतियां भी नहीं की जा रही हैं। शुलेखक संघ के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने निजीकरण की वापसी पर खुशी जताई और केंद्रीय अध्यक्ष वीके कलहंस और महामंत्री कलानी को माला पहनाकर स्वागत किया।
बैठक के दौरान डिकाम अध्यक्ष जेपी मिश्र, महामंत्री पीसी श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष गोपाल सेठ, जीडी उपाध्याय सहित कई और मौजूद रहें।
