हरदोई: सिटी मजिस्ट्रेट 'हाय-हाय' करते हुए सांसद के साथ धरने पर बैठे भाजपाई, जानें पूरा मामला-Video
हरदोई। आचार संहिता लागू होने के बाद अधिकारी किस तरह बेखौफ होकर कार्रवाई कर रहे हैं इसका नजारा बीच शहर में देखने को मिला। होर्डिग बैनर हटवा रहे सिटी मजिस्ट्रेट भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा के नाम का बोर्ड भी उखाड़ ले गए। इतना ही नहीं उन्होने पूर्व ज़िलाध्यक्ष के साथ जो बदसुलूकी की,उसके सदमें में पूर्व जिलाध्यक्ष की पत्नी की मौत हो गई।
पहले दिन तो समूची भाजपा सन्नाटे में रही, लेकिन मीडिया में सुर्खियों में आने के बाद सोमवार को एका-एक भाजपा में उबाल आ गया। सांसद जयप्रकाश के साथ तमाम भाजपाई लखनऊ रोड पर आ गए और वहीं धरने पर बैठ गए। सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ खूब नारेबाजी की गई। उसके करीब दो घंटे बाद एडीएम प्रियंक सिंह और एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह के काफी समझाने के बाद गुस्साए भाजपाईयों माने।
बताते चलें आचार संहिता लगने के बाद बोर्ड हटाने के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने पूर्व भाजपा ज़िलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा के नाम का बोर्ड करवा दिया,इतना ही नहीं उन्होंने विरोध करने पर श्री वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तक की धमकी दे डाली। उनकी पत्नी लता वर्मा अपने पति की इस तरह हुई बेइज्जती को बर्दाश्त नहीं कर सकी और इस सदमे में उनकी मौत हो गई।
वर्मा की अपनी सरकार में इस तरह हुई बेइज़्ज़ती को मीडिया ने सुर्खियों में उछाला,उसके बाद प्रशासन ने बोर्ड उनके आवास पर पहुंचा दिया लेकिन कोई भी अधिकारी वहां पर ना तो शोक व्यक्त करने गया और ना ही किसी ने घटना के बारे में कोई वार्ता भाजपाई हो या पूर्व अध्यक्ष की इसी बात से नाराज होकर सोमवार को सांसद जयप्रकाश नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा राम बहादुर सिंह पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा रामकिशोर गुप्ता गौ रक्षा प्रकोष्ठ के सुनील शुक्ला सहित दर्जनों भाजपाई हरदोई लखनऊ मार्ग पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने जाम लगा दिया भाजपाइयों का कहना था कि ऐसे अधिकारी को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।
भाजपाइयों ने प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया समाचार लिखे जाने तक भाजपाई धरने पर बैठे हुए हैं हरदोई लखनऊ मार्ग पर सैकड़ो का फिल्म सैकड़ो गाड़ियों का काफिला जाम में फंसा हुआ है पुलिस मौके पर मौजूद है। उसके बाद एडीएम प्रियंका सिंह और एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह वहां पहुंचे, उन्होने शाम पांच बजे तक कार्यवाई का भरोसा दिया,उसके बाद धरना खत्म हुआ।
लोकतंत्र सेनानी भी है पूर्व ज़िलाध्यक्ष
भाजपा के ज़िलाध्यक्ष और सहकारी बैंक के अध्यक्ष रह चुके विद्याराम वर्मा लोकतंत्र सेनानी भी है। उनके साथ हुए इस तरह के बर्ताव से भले ही भाजपा में कोई खास हरकत न हो रही हो,लेकिन आम लोगो के बीच इसे ले कर काफी बहस छिड़ी हुई है।
आचार संहिता लागू होने के बाद अधिकारी किस तरह बेखौफ होकर कार्रवाई कर रहे हैं इसका नज़ारा बीच शहर में देखने को मिला
— Amrit Vichar (@AmritVichar) March 18, 2024
सिटी मजिस्ट्रेट 'हाय-हाय' करते हुए सांसद के साथ धरने पर बैठे भाजपाई बदसुलूकी के सदमें पूर्व ज़िलाध्यक्ष की पत्नी की मोत होने से आया उबाल@INCUttarPradesh @INCIndia… pic.twitter.com/9BP8iJynKs
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