पटना में होगा रामविलास पासवान का अंतिम संस्कार, राष्ट्रपति-पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। दिवंगत केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक राम विलास पासवान का अंतिम संस्कार शनिवार को पटना में होगा। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर आखिरी दर्शन के लिए दिल्ली में उनके आवास 12 जनपथ पर शुक्रवार को रखा गया। पासवान के बेटे चिराग पासवान ने कहा कि शुक्रवार शाम 5 बजे …

नई दिल्ली। दिवंगत केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के संस्थापक राम विलास पासवान का अंतिम संस्कार शनिवार को पटना में होगा। इससे पहले उनका पार्थिव शरीर आखिरी दर्शन के लिए दिल्ली में उनके आवास 12 जनपथ पर शुक्रवार को रखा गया। पासवान के बेटे चिराग पासवान ने कहा कि शुक्रवार शाम 5 बजे स्वर्गीय राम विलास पासवान का पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना ले जाया जाएगा। पटना हवाई अड्डे से पार्थिव शरीर सीधा विधानसभा भवन ले जाया जाएगा जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को पटना पार्टी कार्यालय में देर रात 10.30 बजे तक अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।

शनिवार सुबह 8 बजे से स्वर्गीय राम विलास पासवान के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए उनके बोरिंग रोड एसके पुरी स्थित आवास पर रखा जाएगा। शनिवार को 1.30 बजे जनार्दन घाट दिघा में अंतिम संस्कार किया जाएगा। बेटे चिराग पासवान स्वर्गीय राम विलास पासवान को मुखाग्नि देंगे।

राष्ट्रपति कोविंद ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता रामविलास पासवान को उनके आवास पर जाकर श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी ने किए अंतिम दर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रामविलास पासवान को अंतिम श्रद्धांजलि दी। 12 जनपथ पर रामविलास पासवान के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। जहां पर सभी नेता पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी ने इस दौरान चिराग पासवान और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की।

बता दें कि केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान का गुरुवार को दिल्ली में एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। राम विलास पासवान के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत दूसरे केंद्रीय मंत्रियों व राजनीति दलों के नेताओं ने शोक जताया है। राम विलास पासवान ने वर्ष 2000 में जनता दल (यूनाइटेड) से अलग होकर लोजपा का गठन किया था। पिछले साल पार्टी की अपने पुत्र कमान चिराग पासवान को सौंपने से पहले वह लोजपा के संस्थापक अध्यक्ष रहे। राम विलास पासवान केंद्र सरकार में उपभोक्ता मामले, खाद्य एंव सार्वजनिक वितरण मंत्री थे। बीमार होने के कारण वह बीते एक महीने से ज्यादा समय से अस्पताल में भर्ती थे और हाल ही में उनके हृदय का ऑपरेशन हुआ था।

राम विलास पासवान के निधन पर कर्नाटक के नेताओं ने जताया शोक
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, विपक्षी दल के नेता सिद्धारमैया सहित कई अन्य ने उन्हें एक ऐसे राजनेता के रूप में याद किया, जो पीड़ितों की आवाज रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना करने वाले केंद्रीय मंत्री और दिग्गज नेता रामविलास पासवान (74) की कुछ दिनों पहले दिल्ली के एक अस्पताल में हार्ट सर्जरी हुई थी और गुरुवार शाम को उनका निधन हो गया।

कैबिनेट में अपने सहयोगी के निधन को अपनी व्यक्तिगत क्षति बताते हुए पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने ट्वीट किया, “केंद्रीय मंत्री और 8 बार सांसद रह चुके श्री रामविलास पासवान जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। वह मेरे काफी करीबी रहे हैं और मेरी कैबिनेट में उन्होंने रेल मंत्री के तौर पर काम किया था। उनके जैसे किसी वरिष्ठ नेता को खोना हमारे देश के लिए एक बड़ी क्षति है।”

मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने अपने एक बयान में कहा कि इस अनुभवी नेता के निधन से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, “श्री रामविलास पासवान जी को एक ऐसे नेता के रूप में याद किया जाएगा, जो गरीबों, वंचितों और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बने। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना है। ओम शांति।”

कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धारमैया ने भी अपने एक ट्वीट में उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, “वह हमारे देश के बेहतरीन नेताओं में से एक थे और उनके काम ने उनकी प्रतिबद्धताओं के बारे में बताया। उनके परिवार के सदस्यों और शुभचिंतकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है।”

दुख व्यक्त करते हुए कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष नलिन कुमार काटेल ने कहा कि पासवान पांच दशकों से अधिक समय से सक्रिय राजनीति में थे और साथ ही एक वरिष्ठ दलित नेता भी थे। जनता दल (धर्मनिरपेक्ष) के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने इस दुखद मौके पर कहा कि वह वंचितों की आवाज रहे हैं।

 

संबंधित समाचार