Holi 2024: सावधान! होली का त्योहार आते ही मिलावटखोर सक्रिय...इस तरह से करें बचाव, यह हो सकती बीमारियां

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Edited By Amrit Vichar
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होली का त्योहार आते ही मिलावटखोर सक्रिय हो गए

फतेहपुर, अमृत विचार। रंगों के त्योहार होली को बदरंग करने के लिए सक्रिय मिलावटखोर हर साल की तरह इस बार भी अधिक मुनाफा कर अपनी जेबें भरने से बाज नहीं आ रहे हैं। मिलावटी तेल, मसालों और बेसन से बाजार पटे हैं। कचरी, पापड़ आदि के सेवन से सेहत खराब कर सकती है, इसलिए पर्व पर सतर्क रहने की जरूरत है।

शहर के विभिन्न स्थानों पर बिकने वाले खुले मसालों में लकड़ी का बुरादा व ईंटों का चूरा मिलाने से भी मिलावट खोर बाज नहीं आ रहे। वहीं खपत को देखते हुए मिलावटी बेसन की आदि की भी आमद बाजारों में हो चुकी है। खुले मसालों में भी बड़ी संख्या में मिलावाटकर बाजारों में आपूर्ति की जा चुकी है। 

सूत्रों का कहना है कि मिलावट खोरों की यह कारस्तानी अपने गोदामों में कर पैकिंग कर बाजार में आमद कराई जा रही है। देखने में बेहतर चमक-दमक वाले मसाले, चिप्स, पापड़, सरसों का तेल आदि बाजार में पहुंचाया जा चुका है। 

केसर व लौंग भी अछूती नहीं

केसर व लौंग बाजार में काफी महंगी बिकती है। लेकिन मिलावटखोरों द्वारा इसमें भी जमकर मिलावट की जाती है। सूत्र बताते हैं कि लौंग का तेल निकालकर उसकी सप्लाई बाजार में की जाती है। जिसको पानी में डालकर पहचान की जा सकती है। यदि व तैरने लगे तो समझिए असली नहीं है। इसी प्रकार असली केसर का रंग गाढ़ा होने के साथ ही वह असानी से नहीं टूटती। इसकी पहचान भी पानी से की जा सकती है।

मिलावटी जीरे की भरमार

नकली व मिलावटी जीरे में जंगली घास, पत्थर के दाने, सूजी और गुड के शीरे का इस्तेमाल किया जाता है। इसका लोगों की सेहत पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है। जिसकी पहचान करना आसान नहीं होता।

रंग न देखें, मिर्च नकली

लाल मिर्च में ईंट व लकड़ी का बुरादा मिलाया जाता है। रंग का इस्तेमाल किया जाता है। पानी में मिर्च पाउडर डालकर भीगे पाउडर को हथेली पर रगड़ें यदि किरकिरापन महसूस हो तो यह नकली है।

हल्दी में रंग का इस्तेमाल

हल्दी पाउडर शुद्ध है तो हल्कापीला रंग होगा, रंग गहरा पीला है तो मिलावट है। ऐसे हल्दी पाउडर से कई बीमारियां हो सकती हैं। हल्दी को पानी में डालने पर यदि कलर जल्दी गायब हो जाए तो मिलावट है।

धनियां में मिली खरपतवार

पिसे धनियां में खरपतवार की मिलावट होती है। खरपतवार को बारीक पीस कर धनियां पाउडर में मिलाया जाता है। पहचान के लिए यदि धनियां की खुशबू नहीं आ रही तो धनियां मिलावटी है।

गैस से बढ़ाते हैं साबूत धनिया का वजन

साबूत धनिया का वजन बढ़ाने के लिए उसे रात भर एक भट्टी में रखा जाता है। खास तरह की गैस प्रवाहित की जाती है। जिससे एक बोरे का वजन 15 किलो तक बढ़ जाता है। पिसी धनिया में चावल का कना मिलाकर लूटा जाता है।

दालचीनी में भी होती मिलावट

दाल चीनी में अमरूद की छाल मिलाई जाती है। हाथ पर रगड़ने के दौरान रंग नजर आने पर पहचान हो सकती है। काली मिर्च में पपीते के बीज मिलाया जाता है। पहचान के लिए काली मिर्च पानी में डालने पर ऊपर आ जाए तो वह नकली है।

मिलावटी तेल की ऐसे करें पहचान

सरसों के तेल को फ्रिज में कुछ देर के लिए रखकर पहचान की जा सकती है। तेल को फ्रिज में रखने के बाद असली होने पर वह जस का तस रहेगा। जबकि नकली होने पर बर्तन की ऊपरी सतह पर सफेद रंग की परत दिखने लगेगी।

मिलावटी बेसन भी छाया

होली पर बेसन की खपत अधिक होती देखकर मिलावटखोर भी असली बेसन के नाम पर मिलावटी बेसन की धड़ल्ले से बिक्री कर रहे हैं। बताते हैं कि इसमें चावल की कनकी को पीसकर मिलाया जाता है। साथ ही मकाई, सूजी, पीली मटर सहित रंग का प्रयोग का बेसन में मिलावट की जाती है।

यह हो सकतीं बीमारियां

● किडनी स्टोन का खतरा
● पेट से जुड़ी तकलीफें
● स्किन संबंधी परेशानियां
● कैंसर होने का खतरा
● लीवर सम्बंधी घातक रोग
● बालों के झड़ने की समस्या

नकली मसालों सहित रंग मिश्रित खाद्य सामग्री का लगातार प्रयोग आंतों में सूजन सहित अन्य बीमारियों से घेर सकता है। इससे बचने के लिए अच्छी कंपनियों के सामान का इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं व्यंजनों के लिए शुद्ध सरसों का तेल ही प्रयोग करें।- डा. रघुनाथ सिंह, फिजीशियन

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