लखनऊ: हॉस्टल संचालक को धमकाने वाला फर्जी एसटीएफ दरोगा गिरफ्तार
लखनऊ, अमृत विचार। एसटीएफ का दरोगा बन कर हॉस्टल संचालक को धमकाने वाले दो जालसाजों को बीबीडी पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने पूछताछ में बताया कि हॉस्टल के पास एक कैफे में हुए विवाद संबंधी फुटेज हासिल करने के लिए फर्जी दरोगा बन वहां धमकाया था। एक आरोपी प्राइमरी शिक्षक है।
प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह के मुताबिक, फुटेज, मोबाइल नंबर व एसयूवी के नंबर के आधार पर बलिया निवासी अभिषेक श्रीवास्तव व उसके साथी विजय चौधरी को गिरफ्तार किया गया है। अभिषेक इंदिरानगर में रहता है। वह प्राइमरी में टीचर है। वह कुशीनगर में जनपद में कार्यरत है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि हॉस्टल के बगल में भानू सिंह का स्काई लाइट कैफे है। उसके सीसी कैमरों की डीवीआर हाॅस्टल में ही लगी है।
गत 6 मार्च को बीबीडी विवि के छात्र अतुल राज अपनी बर्थ डे पार्टी करने वहां गए थे। तभी भानू सिंह से विवाद हो गया था। आरोप है कि भानू ने पिस्टल से फायर भी किया था। इसके बाद पुलिस ने भानू और उसके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले में अतुल व उसके साथी सीसी फुटेज मांगने गए थे, लेकिन राहुल जायसवाल ने फुटेज देने से मना कर दिया था। तब अतुल के दोस्त अभिषेक दारोगा बन फुटेज लेने गया था।
यह था मामला
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गोयल अपार्टमेंट निवासी राहुल जायसवाल इलाके में एक हॉस्टल चलाते हैं। 8 मार्च को एसयूवी से दरोगा की वर्दी में एक शख्स पहुंचा था। उसके साथ एक साथी भी था। उसने बताया था कि वह एसटीएफ में तैनात है। नेम प्लेट पर अभिषेक श्रीवास्तव लिखा था। वह हाॅस्टल व उसके बगल के कैफे के पूरे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज लेकर चला गया था। डीवीआर से फुटेज डिलीट भी करवाए थे। विरोध करने पर उसने राहुल को धमकाया भी था। राहुल के दोस्त मृत्युंजय ने मामले में मुकदमा दर्ज कराया था।
यह भी पढ़ें:-रायबरेली: महिला सुरक्षा कर्मी और उसके भाई की सड़क हादसे में मौत
