Kanpur: अगस्त तक लटका रिंग रोड पैकेज दो का काम; इस वजह से दिल्ली मुख्यालय में फंसा टेंडर...जानें मामला
कानपुर, अमृत विचार। 93.20 किलोमीटर लंबी रिंग रोड के पैकेज दो का टेंडर आचार संहिता लागू होने से दिल्ली मुख्यालय में लटक गया है, जिस कारण पैकेज दो के काम में देरी होती दिखाई पड़ रही है। अब अगस्त माह तक पैकेज दो के कार्यदायी संस्था की चयन होने की संभावना है। रिंग रोड के पैकेज एक व चार का टेंडर राज कंस्ट्रक्शन व पैकेज तीन के लिए ऋषिकेश की हिलवेज कंपनी का चयन पहले की हो चुका है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की महत्वाकांक्षी परियोजना 93.20 किलोमीटर लंबी रिंग रोड 7800 करोड़ की लागत से तैयार होनी है। परियोजना पांच पैकेज, पैकेज एक, पैकेज दो (ए) व (बी), पैकेज तीन व पैकेज चार में बांटा गया है।
पैकेज एक, तीन व चार के लिए कार्यदायी संस्था का चयन होने के साथ ही पैकेज एक में समतलीकरण के साथ ही रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) व पुलियों का सबस्ट्रक्चर का काम शुरू हो चुका है। पैकेज चार में करीब 80 फीसदी भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है, बाकी भूमि के अधिग्रहण की भी तैयारी चल रही है।
रिंग रोड निर्माण कार्य वर्ष 2027 तक पूरा होना है। वहीं पैकेज दो (ए) महाराजपुर से ट्रांसगंगा सिटी की टेंडर प्रक्रिया शुरू लगभग पूरी हो चुकी है। जनवरी माह में टेंडर खुलने भी थे, लेकिन टेक्निकल कारणों से खुल न सके। वहीं लोकसभा चुनाव के चलते आचार संहिता लागू होने से टेंडर का कार्य अधर में लटक गया है।
अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली मुख्यालय में टेंडर प्रक्रिया होने के चलते उन्हें मामले की कोई जानकारी नहीं है। आचार संहिता लागू होने के कारण कार्यदायी संस्था का चयन होने में अगस्त माह तक का समय लग सकता है।
