बदायूं: किशोरी के अपहरण में दो दोषियों को सात-सात साल की सजा, 10-10 हजार का जुर्माना
पीड़िता को दी जाएगी आधी धनराशि
बदायूं, अमृत विचार। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दीपक यादव ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण करने के दो आरोपियों को सात-सात साल की सजा और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि तीसरा आरोपी नाबालिग होने की वजह से मामला संभल जिले के किशोर न्याय बोर्ड में विचाराधीन है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा ने जिला संभल के थाना गुन्नौर पुलिस को 15 फरवरी 2016 को तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया कि 12 फरवरी 2016 को उनकी नाबालिग बेटै रात 9 बजे घर से बाहर गई थी। करण सिंह पुत्र राजू और रोहताश पुत्र कल्लू और एक नाबालिग बहला फुसलाकर उसका अपहरण करके ले गए। पूरी रात तलाशने के बाद भी बेटी का कहीं पता नहीं चला। नाबालिग की पत्रावली पृथक की गई। जो संभल के किशोर न्याय बोर्ड में चल रही है।
विवेचक रक्षपाल सिंह ने बाकी दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। जिसके बाद से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। न्यायधीश ने पत्रावली पर साक्ष्यों का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए कैद और जुर्माना की सजा सुनाई है।
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