प्रतापगढ़: अपहरण और दुष्कर्म के दोषियों को 7 व 10 साल की सजा, अर्थदण्ड
कोहड़ौर और पट्टी इलाके के मामले में कोर्ट ने सुनाया फैसला
प्रतापगढ़, अमृत विचार। अपहरण और दुष्कर्म के दो मामलों का फैसला बुधवार को कोर्ट ने सुनाया। कोहड़ौर के केस में दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने सात साल और पट्टी के केस में दोषी पाए जाने पर 10 साल जेल में रहने का आदेश और अर्थदण्ड से दण्डित किया। अपर सत्र न्यायाधीश/ एफ.टी.सी. प्रथम मनोज कुमार ने अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में दोषी पाते हुए हौसिला प्रसाद थाना कोहड़ौर को सात वर्ष की जजेल और 22 हजार रूपया अर्थदण्ड से दंडित किया।
वादी मुकदमा के अनुसार वर्ष 2012 में 1 अप्रैल को समय चार बजे उसकी बहन को गांव के हौसिला प्रसाद वर्मा, मेवालाल व वकील अहमद एक राय होकर भगा ले गए। रात 10 बजे उसको यह पता चला कि तीनों लोग उसकी बहन को लेकर बाहर जा चुके हैं। वादी मुकदमा जब आरोपियों के घर पूछने गया तो उसके घर वालों ने उसे गलियां व जान से मारने की धमकी दी।अभियोजन की ओर से छह गवाहों के जरिए 12 प्रदर्शो को साबित कराया गया।
पुलिस वालों ने विवेचना के उपरांत मात्र हौसला प्रसाद के नाम आरोप पत्र प्रेषित किया, शेष दोनों का नाम निकाल दिया। न्यायालय ने यह भी आदेश किया कि शेष आरोपी मेवालाल व वकील अहमद को अलग से तलब किया जाए। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी देवेंद्र गुप्ता ने की। दूसरे केस में अपर सत्र न्यायाधीश सुमित पंवार ने अजीत थाना पट्टी को अपहरण, दुष्कर्म कर जान से मारने की धमकी देने के आरोप में दोषी पाते हुए 10 वर्ष की जेल व 15 हजार रूपये अर्थदण्ड से दंडित किया। राज्य की ओर से पैरवी एडीजीसी काशीनाथ तिवारी ने की।
वादी मुकदमा के अनुसार 16 अगस्त 2014 को पांच बजे उसकी पुत्री जो बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा थी, घर से बाहर शौच के लिए गई थी,वहां पहले से ही घात लगाए अजीत, इंद्रजीत उर्फ शिव नारायण व अयोध्या जबरन दुराचार करने की नीयत से उसका अपहरण करके ले गए।
18 अगस्त 2014 को गांव वालों के सहयोग से अपनी पुत्री पीडिता को अजीत के घर से निकलवाया तब उसने रो रो कर बताया कि अजीत ने उसे तीन दिन तक अपने घर रखा और उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। न्यायालय ने अन्य आरोपी शिव नारायण व अयोध्या को साक्षी के अभाव में दोष मुक्त कर दिया।
यह भी पढ़ें:-अंबेडकरनगर: इलाज के दौरान महिला की मौत, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को किया सील
