बदायूं: अपहरण के बाद हत्या, डर की वजह से छोड़ा था गांव
बदायूं, अमृत विचार। हत्यारोपी साजिद और जावेद का परिवार थाना अलापुर क्षेत्र के कस्बा सखानू में रहता था। वह लोग अपनी मां नाजरीन के गांव उपरैला में रहते थे। साल 1989 में गांव निवासी 12 साल के हसनू पुत्र जफरुद्दीन की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। जिसमें साजिद के पिता बाबू का नाम भी सामने आया था लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। हसनू के परिवार के डर की वजह से बाबू गांव उपरैला से कस्बा सखानू में शिफ्ट हुए थे।
हत्यारोपी के पिता और चाचा से चल रही पूछताछ
दोहरे हत्याकांड का एक आरोपी जावेद अभी फरार चल रहा है। पुलिस ने कई जगह दबिश दी लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। जिसके चलते पुलिस ने कस्बा सखानू से जावेद के पिता बाबू और चाचा को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है।
आचार संहिता की वजह से नहीं हुई घोषणा
लोकसभा चुनाव की वजह से आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। जिसमें नई योजनाओं का संचालन नहीं होगा और न ही बजट जारी किया जाएगा। सांसद डॉ. संघमित्रा ने कहा कि वर्तमान में आचार संहिता चल रही है। जिसके चलते पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद नहीं की जा सकती। पीड़ित परिवार का हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
सब्जी के लिए मां को देकर गया था 50 रुपये
हत्यारोपी साजिद मंगलवार को काम पर सुबह नहीं गया था। उसके पिता बाबू के अनुसार साजिद के पास किसी का फोन आया था और उसे बुलाया था। वह घर से निकला तो अपनी मां नाजरीन को सब्जी खरीदने के लिए 50 रुपये देकर गया था। जिसके बाद उसने हत्याकांड को अंजाम दिया और मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस ने साजिद और जावेद के मोबाइल नंबरों का रिकार्ड चेक कर रही है।
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