...तो इस वजह से हुई मासूमों की हत्या? बदायूं डबल मर्डर केस में उठे कई सवाल, जावेद की गिरफ्तारी पर खुलेगा राज!
बदायूं, अमृत विचार: दो मासूम बच्चों की निर्मम तरीके से हत्या के बाद हर किसी के पास बस सवाल हैं आखिर दोनों बच्चों को इतनी निर्दयता से क्यों मारा गया ? क्या हत्यारोपी उनकी बली देना चाहते थे या किसी ने प्लानिंग के तहत हत्या कराई थीं। हत्याकांड में किसी और के शामिल होने की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता। सवाल हैं लेकिन जबाव का सभी को इंतजार है। दूसरे हत्यारोपी जावेद की गिरफ्तारी के बाद ही सब स्पष्ट हो सकेगा।
हत्याकांड के बाद जिसने भी घटना सुनी मौके पर जा पहुंचा। सभी के चेहरे पर रोष, महिलाओं की आंखों में आंसू थे। कोई व्यक्ति निर्दयतापूर्वक इस प्रकार कैसे हत्या कर सकता है। लोग हत्याकांड को बली से जोड़कर देख रहे हैं लेकिन बली की घटनाएं कब्रिस्तान या सूनसान जगह पर होने के केस सामने आए हैं। घर पर बिना पूजा पाठ और तांत्रिक के कोई केस सामने नहीं आया।
हत्यारोपी साजिद की पत्नी के तीन बच्चों की गर्भ में ही मौत हो चुकी है। बच्चों की चाहत में तंत्र विद्या की वजह से हत्या कर सकता है। वहीं अगर बली देनी होती तो परिवार से अच्छे संबंध थे, आरोपी बच्चों को बाहर भी ले जा सकते थे। हो सकता है किसी तांत्रिक ने उससे ऐसा करने को कहा हो। अगर रुपये की जरूरत थी तो छुर्रा और उस्तरा साथ क्यों ले गए। हत्यारोपी साजिद अपनी पत्नी के गर्भवती होने पर उसकी डिलीवरी के नाम पर रुपये उधार लेने का बहाना बनाकर क्यों गया।
हत्या के लिए आरोपियों ने शाम का समय चुना जबकि दिन में मृत बच्चों की दादी मुन्नी देवी ड्यूटी पर जाती हैं और बच्चों की मां संगीता अपने ब्यूटी पार्लर में व्यस्त रहती हैं। हर किसी के पास सवाल है लेकिन जबाव सिर्फ दूसरे आरोपी जावेद के पास है। पुलिस के पकड़ने के बाद हत्याकांड का राजफाश होगा। या पुलिस की विवेचना के बाद हत्याकांड में शामिल लोगों के नाम सामने आएंगे। वहीं मृतक बच्चों के माता-पिता की मांग है कि जावेद को जल्द पकड़कर पूछा जाए कि उसने ऐसा क्यों किया। क्या किसी ने उससे ऐसा करवाया है।
हत्याकांड के चश्मदीद ने बताया जावेद ने दिया घटना को अंजाम
मृतक आयुष और आहान उर्फ हन्नू के बीच वाले वाला भाई पीयूष चश्मदीद है। उसने हत्या करते हुए देखा था। पीयूष ने बताया कि जावेद ऊपर घर में आया था जबकि साजिद नीचे बाइक पर खड़ा था। जावेद उनके दोनों भाइयों को छत पर ले गया। आयुष से पानी मंगवाया तो आहान जाने से मना किया। आहान नीचे चला गया। इसी बीच हत्यारोपी ने आयुष की हत्या की। जिसके बाद आहान को भी मार दिया।
पीयूष ने देखा तो वह उनके भाइयों को मार रहा था। उन्हें देखते ही हत्यारोपी जावेद ने उनकी हत्या करने के लिए पकड़ना चाहा। चाकू से वार किया। चाकू पीयूष के हाथ में लगा। इसी दौरान हत्यारोपी फिसलकर गिर गया था। पीयूष चिल्लाते हुए दौड़कर नीचे पहुंचे और अपनी मां को बताया था। दादी मुन्नी देवी ने घर का दरवाजा भीतर से बंद करके शोर मचाया। मोहल्ले के लोग आए। पुलिस हत्यारोपी साजिद को ले गई जबकि जावेद भाग निकला।
यह भी पढ़ें-'बदायूं में शिवपाल यादव के आते ही मासूमों की हत्या, सपा कराना चाहती है दंगा', संघमित्रा मौर्य ने साधा निशाना
