लखनऊ: असमय मौत का कारण बन रही नींद, शुगर, बीपी और मोटापे की भी बन रही वजह
लखनऊ, अमृत विचार। कई लोग शरीर में ताकत की कमी महसूस करते हैं। जिसके चलते कार्य करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके चलते लागों को नौकरियां जा रही है। लोग कई-कई घंटे सोते हैं उसके बावजूद थकान बनी रहती है। जिसकी एक वजह नींद का पूरा न होना है। इसे अनिद्रा की समस्या कहा जाता है। इसके अलावा हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक के बढ़ते मामले अनिद्रा की समस्या के कारण ही बढ़ रहे हैं। यह जानकारी किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के एचओडी प्रो.वेद प्रकाश ने गुरुवार को दी। वह शताब्दी फेज टू स्थित सभागार में आयोजित "स्लीप समिट-2024" में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
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— Amrit Vichar (@AmritVichar) March 21, 2024
प्रो.वेद प्रकाश ने बताया कि साइलेंट हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक का कारण नींद न आना है। कई बार देखा गया है कि रात में सोने गये लोग सुबह उठे ही नहीं यानी की उनकी मौत हो गई। यह समस्या काफी बड़ी है, लेकिन 80 प्रतिशत से अधिक लोग इस समस्या के बारे में जानते ही नहीं हैं। जो लोग इस तरह की बीमारी से ग्रसित है, वह दिन में करीब 8 से 10 घंटे सोते हैं, लेकिन क्वालिटी स्लीप न होने के चलते इसका बुरा असर दिल और दिमाग दोनों पर पड़ता है। जिसके चलते चिड़चिड़ापन, निर्णय न लेने पाने की दिक्कत होना यह सभी समस्या नींद की बीमारी के तहत ही आती हैं।
इस बीमारी से बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी पीड़ित हो सकते हैं। समय से इसकों पहचाने की जरूरत हैं, नहीं तो इसका बुरा असर पूरे जीवन पर पड़ता है। डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि अनिद्रा के कारण दिल वा नसों की गंभीर बीमारी हो सकती है। इसके अलावा याददाश्त में कमी की समस्या भी सामने आ सकती है। इस वजह से अनिद्रा की समस्या के लिए तत्काल चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।
विभाग में विश्वस्तरीय सुविधा मौजूद
डॉ वेद प्रकाश ने बताया कि उनके विभाग में अनिद्रा की समस्या के इलाज की समुचित व्यवस्था और संसाधन उपलब्ध है। यहां विश्वस्तरीय इलाज की व्यवस्था की गई है। यहां पर स्लीप लैब स्थित है। जिसमें स्लीप स्टडी की जाती है। इसके लिए संबंधित मरीज को एक रात विभाग में सोना होता है और इस बीमारी के सभी पहलुओं की जांच की जाती है। इसके बाद मरीज को इलाज मुहैया कराया जाता है।
लक्षण:
दिन में अधिकाधिक सोना।
नींद पड़ने में कठिनाई।
रात में बार-बार जागना।
नींद पूरी ना होना ।
खर्राटे आना।
नींद के दौरान चोकिंग हो जाना ।
सरदर्द।
थकान एवं चिड़चिड़ापन।
याद्दाश्त में कमी।
नींद में चलना बोलना और हाथ पैर चलना।
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