रिश्वत मांगने के आरोपी इंस्पेक्टर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली सशर्त जमानत
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिश्वत मांगने के आरोपी इंस्पेक्टर को यह देखते हुए की जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा और मामले के शीघ्र निपटारे में सहयोग करेगा उसे सशर्त जमानत दे दी। उक्त आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की एकल पीठ ने वली मोहम्मद निरीक्षक (अपराध) शाखा की याचिका को निस्तारित करते हुए पारित किया।
दरअसल याची पर 7 हजार रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया था। याची के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7,13(1)(बी),13 (2) के तहत पुलिस स्टेशन सिविल लाइन, मुरादाबाद में प्राथमिक की दर्ज की गई थी। याची के अधिवक्ता का तर्क था कि याची को मामले में झूठा फसाया गया है।
याची एक मामले में जांच अधिकारी था, लेकिन 23 सितंबर 2023 को अपराध शाखा, मुरादाबाद से पुलिस लाइन, मुरादाबाद में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद वह कार्य मुक्त हो गया। 27 सितंबर 2023 को याची ने पुलिस लाइन, मुरादाबाद में ज्वाइन कर लिया था। बाद में उक्त मामले की जांच एक अन्य जांच अधिकारी दुर्गा सिंह को सौंप दी गई। याची के लिए शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने का कोई अवसर नहीं था।
स्थानांतरित होने के बाद शिकायतकर्ता ने याची को 12 मिस्ड कॉल किए थे। इसके बाद याची ने यह जानने के लिए शिकायतकर्ता को फोन किया कि उसने मिस्ड कॉल क्यों किए। साथ ही अधिवक्ता द्वारा इस बात पर जोर दिया गया कि प्राथमिकी में रिश्वत की कथित मांग की तारीख और समय का खुलासा नहीं किया गया है। याची 5 अक्टूबर 2023 से जेल में बंद है। अंत में कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर विचार करते हुए याची को सशर्त जमानत दे दी।
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