Bareilly News: कड़ी धूप में परीक्षा...गरीब घरों के बच्चों के लिए यही हैं कॉन्वेंट जैसे सरकारी स्कूल
शिवांग पांडेय, बरेली, अमृत विचार। दावा किया गया था कि सरकारी स्कूल भी अब कॉन्वेंट स्कूलों की टक्कर के हो गए हैं, थोड़ा और रंग जमाने के लिए कई स्कूलों को इंग्लिश मीडियम स्कूल भी घोषित कर दिया गया लेकिन इज्जतनगर में ऐसे ही एक कॉन्वेंट जैसे इंग्लिश मीडियम सरकारी स्कूल में बच्चों को चिलचिलाती धूप के नीचे बैठकर परीक्षा देनी पड़ रही है।
34 डिग्री सेल्सियस तापमान में पसीना-पसीना गरीब घरों के ये बच्चे उस सच को भी समझ रहे हैं कि अफसरों का उनके लिए कॉन्वेंट जैसा स्कूल बनाने का क्या मतलब है।
नैनीताल रोड पर यूपीएस इज्जतनगर नाम के इस इंग्लिश मीडियम स्कूल में 140 बच्चे पढ़ रहे हैं। हेडमास्टर के साथ छह शिक्षक और एक शिक्षामित्र भी तैनात है, लेकिन बच्चों के लिए पर्याप्त क्लास रूम नहीं हैं।
शनिवार की दोपहर स्कूल में दूसरी पाली में संस्कृत और उर्दू की परीक्षा थी जिसमें शामिल सौ से ज्यादा बच्चों को दोपहर की चिलचिलाती धूप में तप रही जमीन पर दरी बिछाकर बैठाया गया था। पसीने से तरबतर ये बच्चे कभी माथे का पसीना पोंछ रहे थे तो कभी कॉपी पर कुछ लिखने की कोशिश कर रहे थे।
हेडमास्टर बबिता बिष्ट ने बताया कि स्कूल की बिल्डिंग सन 1931 में बनी थी। इससे पहले यह स्कूल सेंट्र्रल जेल परिसर में खपड़ैल के नीचे चलता था। महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय आनंद ने वर्ष 2017 में इसे आदर्श स्कूल करार देते हुए इंग्लिश मीडियम स्कूल घोषित करने का आदेश दिया। उस समय स्कूल परिसर में जर्जर हो चुके पांच कमरों में कक्षाएं चलती थीं।
उन्होंने बताया कि छह महीने पहले नगर निगम ने दो जर्जर कमरों को तोड़कर उसके मलबे को नीलाम कर दिया लेकिन उनकी जगह नए कमरों का निर्माण नहीं कराया गया। इसी वजह से तीन कमरों में ही एक से आठवीं तक की कक्षाएं चलानी पड़ रही है। मजबूरी में बच्चों को बाहर खुली धूप में भी बैठाना पड़ रहा है।
सांप-बिच्छू के खतरे की भी परवाह नहीं
स्कूल परिसर में दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले 25 से ज्यादा बच्चों को घनी झाड़ियों के पास बैठाकर परीक्षा कराई जा रही थी। बताया गया कि इन झाड़ियों से अक्सर जहरीले कीड़े-मकोड़े निकलते रहते हैं, इसके बावजूद बच्चों की जिंदगी को दांव पर लगा दिया गया था।
डेढ़ महीने से नहीं आए खंड शिक्षा अधिकारी
पता चला कि खंड शिक्षा अधिकारी तौसीफ अहमद करीब डेढ़ महीने से स्कूल का निरीक्षण करने नहीं आए हैं। जिस वक्त परीक्षा कराने की तैयारियां की जा रही थीं, उसी दौरान अफसरों को पत्र लिखकर स्कूल में पर्याप्त कमरे न होने के संबंध में सूचित किया गया लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया गया। अफसरों की ओर से यह सफाई दी जा रही है कि नगर निगम का क्षेत्र बड़ा है, इसीलिए खंड शिक्षा अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण नहीं कर पाते।
एक किमी दायरे में हैं चार प्राइमरी स्कूल
इज्जतनगर स्कूल के एक किलोमीटर के दायरे में चार प्राइमरी स्कूल हैं। इनमें से दो स्कूलों में एक ही शिक्षक की तैनाती है। तीसरे महलऊ के स्कूल में एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं है। एक शिक्षक को उसका अतिरिक्त प्रभार दे रखा है। विभागीय अधिकारी अगर दिलचस्पी लेते तो यूपीएस इज्जतनगर की कुछ कक्षाएं इनमें से किसी स्कूल में शिफ्ट की जा सकती थीं लेकिन इस पर विचार ही नहीं किया गया।
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