प्रयागराज: संगम नगरी में होली पर अनोखे हैं रिवाज, यहां भारी भरकम हथौड़े की निकाली जाती है बारात, शामिल होते हैं नगरवासी!
प्रयागराज, अमृत विचार। होली की मस्ती के जितने रंग है। उतनी ही अनोखी है इसे मनाने की परम्पराएं। प्रयागराज में होली की अजीबो गरीब परम्परा है। हथौड़े की बारात, इस अनूठे विवाह में हथौड़े की शादी होती है और दूल्हा होता है भारी भरकम हथौड़ा। ये हथौड़ा पूरे शहर में घूमता है और उसके शहर के लोग उसके बाराती होते हैं जो पूरे शहर में घूमते और नाचते गाते हैं।
परंपरा के अनुसार शादी से पहले शहर की गलियों में दूल्हे राजा (हथौड़ा) की भव्य बारात निकाली जाती है, जिसमें हजारों लोग बैंड बाजा के साथ शामिल होते हैं। इस बारात में सामान्य शादी की ही तरह आतिशबाजी भी की जाती है।
आपको बता दें कि जैसे दूल्हे को नजर ना लगे तो उसको टीका लगाया जाता है वैसे ही हथोड़े राजा की भी नजर उतारी जाती है। और उनहें काला टीका लगाया जाता है। उनकी आरती की जाती है।
रविवार को होली से पहले घंटों सजने सँवरने के बाद दूल्हे राजा बैंड बाजे और डी. जे. की धुनों के बीच पूरी शान से शहर की सड़कों पर निकले। होली पर होने वाली इस शाही शादी में बाराती भी शामिल हुए। जो रास्ते भर आतिशबाजी और पटाखे बजाते हुए मस्ती में मगन होकर चल रहे थे। हथौड़े की बारात में वही भव्यता देखने को मिली जो कि किसी शाही शादी में देखने को मिलती है।

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