बरेली: ...तो फिर इसे जेल नहीं, अपराधियों का स्वर्ग ही कहिए, राका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

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Edited By Amrit Vichar
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दो लाख के इनामी राका के लिए सेंट्रल जेल में था शानदार बेड, मोबाइल फोन और लजीज खाने का भी इंतजाम

बरेली, अमृत विचार। बरेली की दोनों जेल बड़े अपराधियों के लिए वाकई स्वर्ग बन चुकी हैं, यह एक बार फिर साबित हो गया। सेंट्रल जेल में बंद रहे कुख्यात शूटर समीर खान उर्फ राका के हाई सिक्योरिटी बैरक में खींचे गए फोटो वायरल होने के मामले में जेलर की ओर से सोमवार को रिपोर्ट दर्ज कराते ही पुलिस अचानक जांच के लिए पहुंची तो पता चला कि हाई सिक्योरिटी बैरक में भी राका के पास हर समय मोबाइल फोन रहता था, आम कैदियों से अलग शानदार बेड भी उसे हासिल था। शक जताया जा रहा है कि माफिया अशरफ की तरह उसके लिए लजीज खाने समेत बाकी सुविधाएं भी हासिल थीं।

गोंडा के थाना कटरा के गांव खेंदुरी के निवासी राका ने 11 मार्च को जमानत पर जेल से रिहा होते ही हाई सिक्योरिटी बैरक में खींचे गए कई फोटो फेसबुक पर पोस्ट किए थे लेकिन जेल प्रशासन में हलचल रविवार को तब मची, जब एक महिला ने उसके इन फोटो को पुलिस अफसरों को ट्वीट किया। इसके बाद सोमवार को सेंट्रल जेल के जेलर नीरज कुमार थाना इज्जतनगर में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे। रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ ही देर बाद इंस्पेक्टर इज्जतनगर जयशंकर सिंह ने अचानक अपनी टीम के साथ जेल पहुंचकर छानबीन शुरू की तो कई और परतें खुल गईं। 

इंस्पेक्टर ने तीन घंटे तक जेल में जांच की। इसमें पुष्टि हुई कि वायरल हुआ राका का फोटो हाई सिक्योरिटी बैरक में ही खींचा गया था। इसी बैरक में खींचे गए उसके कई और अलग-अलग फोटो का पता चला जिनमें वह सर्दी से लेकर गर्मी तक के कपड़े पहने हुए था। इससे साबित हो गया कि जेल में राका के पास हर समय मोबाइल फोन रहता था।

इंस्पेक्टर जयशंकर सिंह ने फोटो में दिख रहे बेड और दीवार पर बने स्वास्तिक के निशान से मिलान किया तो यह भी पुष्टि हो गई कि राका ने उसी हाई सिक्योरिटी बैरक में फोटो खींचे थे जिसमें उसे रखा गया था। इस छानबीन में यह भी पता चला कि राका ने कुछ फोटो 11 मार्च को जेल से रिहा होते ही फेसबुक पर पोस्ट किए थे और कुछ दो दिन बाद 13 मार्च को। इन फोटो में यह भी साफ दिख रहा है कि उसे बैरक में मोटे गद्दे का शानदार बेड और तकिया मुहैया कराया गया था। उसके कपड़े भी जेल में उसके शानदार रहनसहन की पुष्टि कर रहे हैं। किसी फोटो में वह महंगी जैकेट तो किसी में टीशर्ट पहने हुए है।

अफसरों की मर्जी के बगैर जेल में इतनी आजादी मुमकिन नहीं
इंस्पेक्टर इज्जतनगर जयशंकर सिंह ने बताया कि राका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। छानबीन में पुष्टि हुई है कि हाई सिक्योरिटी बैरक में आरोपी राका मोबाइल फोन का खुलकर इस्तेमाल कर रहा था। ऐसा जेल के अधिकारियों की मर्जी के बगैर हो पाना मुश्किल है। जेल से निकलते ही फेसबुक पर फोटो अपलोड होने से यह भी साबित हो रहा है कि राका उसी मोबाइल फोन को लेकर बाहर निकला, जिससे उसने अंदर फोटो खींचे थे।

शक : जेल में ही रहकर फोन पर रंगदारी वसूल कर रहा था राका
इंस्पेक्टर ने बताया कि अब जांच में देखा जाएगा कि राका के मोबाइल फोन में लगा सिम जेल में कब से कब तक सक्रिय था और जिस हाई सिक्योरिटी बैरक में वह बंद था, उसका इंचार्ज कौन है। उधर, यह भी शक जताया जा रहा है कि राका सेंट्रल जेल में रहते हुए फोन का इस्तेमाल रंगदारी वसूल करने के लिए भी कर रहा था। रंगदारी वसूल करके ही वह जेल के अफसरों और कर्मचारियों को पैसा खिला रहा था और बदले में ऐशो-आराम हासिल कर रहा था।

हत्या-लूट और डकैती के 16 मुकदमे हैं राका पर
सेंट्रल जेल में बंद रहा समीर खान उर्फ राका कुख्यात अपराधी है। उस पर हत्या, लूट और डकैती जैसे संगीन अपराधों के 16 मुकदमे दर्ज हैं। राका से पहले सेंट्रल जेल- 2 में बनाया किया गया एक और शूटर आसिफ का वीडियो 14 मार्च 2024 को वायरल हुआ था। जेल प्रशासन ने इस मामले में कुछ अधिकारियों-कर्मचारियों को सस्पेंड तो किया लेकिन आसिफ तक जेल के अंदर मोबाइल कैसे पहुंचा और कहां गया, यह पता नहीं लगा पाया। इससे पहले माफिया अतीक के भाई अशरफ को भी जेल में इसी तरह की सुख-सुविधाएं मुहैया कराने का खुलासा हुआ था।

राका ने वीडियो पोस्ट कर किया जेल प्रशासन का बचाव
राका ने अब फेसबुक पर ही एक वीडियो पोस्ट कर जेल प्रशासन का बचाव किया है। इसमें उसने कहा है कि उसकी फेसबुक का आईडी और पासवर्ड उसके कई दोस्तों के पास है। कुछ लोगों ने उसकी जेल की पुरानी फोटो शेयर की हैं जिसकी 2022 में जांच भी हो चुकी है। सारे वीडियो और फोटो की जांच होगी तो पूरा मामला साफ हो जाएगा। अब किसने कहां से फोटो अपलोड किए हैं, इसकी उसे कोई जानकारी नहीं है।

समीर खान उर्फ राका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब पूरे प्रकरण की जांच थाना पुलिस करेगी। विभागीय जांच भी की जा रही है - अविनाश गौतम, जेल अधीक्षक केंद्रीय कारागार।

फोटो कब का है और किसने लिया है, इसकी जेल प्रशासन जांच कर रहा है। फोटो लैब में भेजा जाएगा ताकि जांच हो सके कि उससे कोई छेड़छाड़ हुई है या नहीं - कुंतल किशोर, डीआईजी जेल।

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