बदायूं: स्कूलों की गलती का खामियाजा भुगतेंगे 98 बच्चे, बैंक में नहीं पहुंच पा रही धनराशि
बदायूं, अमृत विचार: शिक्षा का अधिकार के तहत निजी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे 98 बच्चे स्कूल की गलतियों का खामियाजा भुगत रहे हैं।
विभाग द्वारा भेजी गई धनराशि उनके बैंक खातों में नहीं पहुंच पा रही है। ऐसी स्थिति में होने पर बीएसए ने स्कूलों को नोटिस जारी किया है। इस बात को एक सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी स्कूल संचालकों की ओर से त्रुटियों को दूर नहीं किया जा रहा है। ऐसे में शासन से कॉपी किताबें खरीदने के लिए दी गई धनराशि वापस होने का अंदेशा बन गया है।
अलाभित शिक्षा (आरटीई)के तहत निजी स्कूलों में दस हजार से अधिक बच्चे जिले के एक हजार से अधिक स्कूलों में अध्ययनरत हैं। इनमें से पिछले साल 1836 बच्चों का कक्षा नर्सरी से एक तक की कक्षाओं में प्रवेश लॉटरी के माध्यम से किया गया था। मार्च माह के दौरान शासन की ओर से कॉपी किताबें खरीदने के लिए प्रति बच्चा पांच हजार रुपये के हिसाब से लगभग 91 लाख 80 रुपये का बजट विभाग को भेजा था।
साथ ही निर्देश दिए गए थे कि जिन बच्चों का डाटा पोर्टल पर फीड है। उन्हीं के बैंक खातों में धनराशि भेजी जाएगी। जांच के बाद पता चला कि आरटीई पोर्टल पर 1551 बच्चों का डाटा फीड है। जिस पर विभाग द्वारा 1551 बच्चों के बैंक खातों में 77 लाख 55 हजार रुपये उनके खातों में भेज दिए। शेष बची धनराशि करीब 1,425,000 शासन में समर्पित कर दी।
1551 बच्चों के खाते में भेजी गई धनराशि में 98 बच्चों का पैसा बैंक खाते में त्रुटियां होने की वजह से विभाग के पास वापस आ गया। पैसा वापस आते ही विभाग में हड़कंप मच गया। जिस पर बीएसए ने इन स्कूलों नोटिस जारी कर बच्चों के बैंक खाते में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस जारी किए एक सप्ताह का समय बीत चुका है।
परंतु अभी तक स्कूलों की ओर से बच्चों के बैंक खाते में सुधार संबंधी जानकारी विभाग को उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसे में कॉपी किताबें खरीदने के लिए शासन से मिली धनराशि वापस होने की संभावना बन गई है। इस संबंध में बीएसए स्वाती भारती ने बताया कि 98 बच्चों के बैंक खातों में गलतियां हैं। इसके लिए स्कूलों को नोटिस जारी किया गया है। कुछ स्कूलों के द्वारा सुधार करा दिया है। कुछ शेष बचे हैं। उनमें भी सुधार कराने के बाद धनराशि बैंक खाते में भेज दी जाएगी।
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