मुरादाबाद : मैसेज आया 40,000 का, रुपये आए 25,000...वह भी हो गए चोरी
पॉलिसी का पैसा आने से पहले साइबर ठग की आ गई कॉल, उसने ठग लिए रुपये, बीमा कंपनी के कर्मियों पर डाटा लीक करने का आरोप, साइबर क्राइम सेल भी दबाए रहा मामला
मुरादाबाद, अमृत विचार। खातेदार के बैंक खाते में बीमा कंपनी से 25,000 रुपये आए थे लेकिन, बीमा पॉलिसी धारक के मोबाइल पर मैसेज 40,000 रुपये ट्रांसफर होने का आया। मैसेज आते ही साइबर ठग की कॉल आ गई, बोला आपके खाते में 15,000 रुपये भेजने थे लेकिन, त्रुटिवश 40,000 रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। साइबर ठग की कॉल बीमा पॉलिसी धारक की बेटी ने रिसीव की थी। बेटी से साइबर ठग अपने बताए खाते पर 25,000 रुपये ट्रांसफर कराने में सफल हो गया।
इसी बीच बेटी के पिता पवन अग्रवाल घर पहुंचे थे। बीमा कंपनी से पैसे आने से खुश बेटी ने पिता को जानकारी दी और पूछा कि बीमा कंपनी से कितने रुपये आने थे। पवन ने बेटी को बताया कि 25,000 रुपये आने थे। यह सुनकर बेटी ने पिता को पूरी बात बताई। पवन को समझने में देर नहीं लगी और उन्होंने तुरंत पुलिस लाइन में साइबर क्राइम सेल पहुंचकर मदद की गुहार लगाई थी। ये घटना 18 फरवरी 2024 की है। अब 49 दिन बाद इस मामले में रविवार को मुगलपुरा थाने में अज्ञात के विरुद्ध आइटी एक्ट में एफआईआर दर्ज हुई है।
मुगलपुरा में जीलाल स्ट्रीट मंडी चौक के पवन अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने बेटी के नाम से बीमा कंपनी में पॉलसी ले रखी है। उसके 25,000 रुपये उनके खाते में आने थे। 18 फरवरी को दोपहर 12.35 बजे फोन पर कॉल आई थी तो बेटी ने रिसीव किया था, कॉलर ने कहा कि वह बीमा कंपनी से मैनेजर बोल रहे हैं। कॉलर ने कहा, त्रुटिवश 15,000 के स्थान पर 40,000 रुपये ट्रांसफर हो गए हैं। इसलिए शेष रुपये बताए गए खाते पर लौटा दें।
पवन ने बताया कि इस कॉल के बाद बेटी ने कथित बीमा कंपनी के मैनेजर की तरफ से बताए गए खाते पर 25,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। जब वह घर पहुंचे और बेटी ने जानकारी दी तो उन्होंने अपने बैंक खाते में बैलेंस जांचा तो पाया कि कॉल आने के 40 सेकेंड बाद उनके बैंक खाते में 25,000 बीमा कंपनी से ट्रांसफर भी हुए हैं, जो कथित बीमा कंपनी मैनेजर यानी साइबर ठग की धोखाधड़ी के कारण चोरी हो गए हैं। पवन का आरोप है कि घटना होने के बाद से वह साइबर क्राइम सेल के चक्कर काट रहे थे और सेल कर्मी ठग के बारे में खुलासा करने का फर्जी अश्वासन दे रहे थे। लिहाजा, 49 दिन बीत गए और साइबर क्राइम सेल की कार्रवाई शून्य ही रही है। अब उनके (पवन अग्रवाल) के कहने पर ही मामले को साइबर क्राइम सेल ने मुगलपुरा थाने में ट्रांसफर किया है तो अज्ञात के विरुद्ध आइटी एक्ट में मामला दर्ज हुआ है।
बीमा कंपनी के लोग लीक करते हैं जानकारी
साइबर ठगी से पीड़ित पवन अग्रवाल का कहना है कि बीमा कंपनी अब विश्वास वाली नहीं रहीं। इनके कर्मी इंश्योरेंस का पैसा बीमा पॉलिसी धारक को देने से पहले जानकारी साइबर ठगों से लीक कर देते हैं और विवरण भी उन्हें उपलब्ध करा देते हैं। उनका तर्क है कि जब साइबर ठग की कॉल आई, उसके 40 सेकेंड बाद उनके खाते में पॉलिसी का पैसा आया...तो उनके खाते में बीमा का पैसा ट्रांसफर हो रहा है ये बात साइबर ठग को पहले से कैसे पता। जाहिर है कि बीमा कंपनी के कर्मी ने पैसा भेजने से पहले डाटा लीक किया।
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