बरेली: राजकीय और एडेड कालेजों में सैनेटाइजर का संकट
बरेली, अमृत विचार। सरकार ने 19 अक्टूबर से स्कूल खोलने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन राजकीय और एडेड स्कूलों के लिए सैनेटाइजर की व्यवस्था करना भूल गई। इन स्कूलों में सैनेटाइजेशन कराने के लिए कोई बजट भी सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है। वहीं, प्रधानाध्यापकों ने भी सैनेटाइजेशन कराने को …
बरेली, अमृत विचार। सरकार ने 19 अक्टूबर से स्कूल खोलने के आदेश तो जारी कर दिए लेकिन राजकीय और एडेड स्कूलों के लिए सैनेटाइजर की व्यवस्था करना भूल गई। इन स्कूलों में सैनेटाइजेशन कराने के लिए कोई बजट भी सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है। वहीं, प्रधानाध्यापकों ने भी सैनेटाइजेशन कराने को लेकर हाथ खड़े कर दिए हैं। उनका कहना है कि वह अपनी जेब से सैनेटाइजेशन कराने में असमर्थ हैं। ऐसे में 19 अक्टूबर से बच्चे स्कूल आएंगे या नहीं, इस पर भी असमंजस है। प्रधानाचार्य इस मुद्दे को लेकर डीआईओएस से मिलने की तैयारी कर रहे हैं।
शासन ने 19 अक्टूबर से कक्षा 9 से 12 तक के स्कूलों को खोलने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही यह आदेश भी जारी किए हैं कि स्कूलों में समय-समय पर सैनेटाइजेशन भी होना चाहिए मगर स्कूलों में सैनेटाइजेशन का खर्च कौन उठाएगा यह बात नहीं बताई गई है। न ही सैनेटाइजेशन के लिए कोई बजट पास किया गया है। प्रधानाध्यापकों का कहना है कि यदि एक बार सैनेटाइजेशन की बात हो तो प्रधानाचार्य अपनी जेब से ही करा लें मगर हर दिन अपने पास से रुपये खर्च करके सैनेटाइजेशन करना मुश्किल है। जीआईसी की वाइस प्रिंसिपल कुसुम का कहना है कि इस बारे में सभी स्कूलों के प्रिंसिपल डीआईओएस से मिलकर बात करेंगे।
बीएड परीक्षा में 10 हजार रुपये आए थे तो हुआ था सैनेटाइजेशन
इस्लामियां इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल मेजर खालिद जावेद ने बताया कि जब बीएड की परीक्षा हुई थी तो एक दिन के सैनेटाइजेशन के लिए हर केंद्र के लिए 10 हजार रुपये की धनराशि आई थी। इससे सभी ने सैनेटाइजेशन कराया। मास्क, ग्लव्स आदि खरीदे थे मगर स्कूल खुलने पर ऐसी कोई धनराशि मिलने की संभावना नहीं है।
“स्कूल में सैनेटाइजेशन के आदेश तो आ गए हैं मगर यह कैसे होगा इसकी जानकारी अभी तक नहीं दी गई है। अपने पास से पैसे खर्च करके एक बार तो सैनेटाइज कराया जा सकता है। हर दिन करना थोड़ा मुश्किल होगा।”— कुसुम, वाइस प्रिंसिपल जीआईसी
“यदि बजट नहीं मिला तो सिर्फ कागजों पर ही सैनेटाइजेशन होगा क्योंकि स्कूलों को आदेश का पालन करना मजबूरी होगी। हर दिन प्रधानाचार्य अपनी जेब से सैनेटाइजेशन करा नहीं पाएगा।”— मेजर खालिद जावेद, प्रिंसिपल, इस्लामियां इंटर कॉलेज
“स्कूलों में सैनेटाइजेशन के लिए बजट संबंधी अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। स्कूलों में किस तरह से सैनेटाइजेशन कराया जाए। इस पर अभी बातचीत की जाएगी।”—डा. अमरकांत सिंह, डीआईओएस
