Banda Weather: आसमान में छाये बादलों और हवाओं ने उड़ाई किसानों की नींद...माह भर पहले ओलावृष्टि से तबाह हुईं थी फसलें

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा में आसमान में छाये बादलों और हवाओं ने उड़ाई किसानों की नींद

बांदा, अमृत विचार। जनपद में इस समय फसलों की कटाई व मड़ाई का काम चल रहा है। अभी चना और गेहूं की 50 प्रतिशत फसलें खेतों में खड़ी हैं। दो माह पहले ओलावृष्टि व वर्षा का कहर झेल चुके किसान जल्द-जल्द से जल्द दाना घर ले जाने की तैयारी में हैं। बादल और तेज हवाओं ने किसानों की एक बार फिर नींद उड़ा दी है। यदि बारिश होती है तो किसानों की फसलें चौपट हो जाएंगी और वह खाने को मोहताज हो जाएंगे।

जनपद में मार्च माह के पहले सप्ताह में ही ओलावृष्टि और भारी बारिश से किसानों की ज्यादातर फसलें चैपट हो गई थीं। उन्हें मुआवजा भी नहीं मिल पाया है। अब एक बार फिर आंधी व बदली से किसान चिंतित हो उठे हैं। 

मंगलवार को चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से ही दोपहर बाद आसमान में बादल छाने के साथ तेज हवा चली। हलकी बूंदाबादी भी हुई। वहीं मौसम विभाग ने बुधवार को तेज आंधी व बूंदाबादी का पूवार्नुमान बताया है। मौसम की बिगड़ी चाल ने अन्नदाता की चिंता बढ़ा दी है। 

इस समय किसान घर-बार छोड़कर खेत-खलिहान में फसलों की कटाई व मड़ाई में लगे हैं। मसूर, मटर, अलसी आदि की फसलों की मड़ाई तो हो चुकी है, पर अभी गेहूं, चना सरसों की फसलें खेतों में खड़ी हैं। कुछ की कटाई हो रही है तो कुछ कट चुकी हैं। अब यदि ऐसे में आंधी चलती है या बारिश होती तो बड़े पैमाने पर फसलें खराब हो जाएंगी। 

निवादा के किसान बृजेश ने बताया कि धान की फसल काटने के बाद गेहूं व चना बोया था। अब यह काटने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि वर्षा होती है तो भारी नुकसान होगा। वहीं तिंदवारी के किसान जीवन कहते हैं कि माह भर पहले का जख्म भरा नहीं है और भगवान फिर रूठने पर उतारू है। बदली और बूंदाबादी से अब नींद गायब है। लगता है दाना घर पहुंच पाएगा या नहीं।

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