बिजली आपूर्ति में आत्मनिर्भर बनेगा मुरादाबाद मंडल
मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडल में बिजली की आंख मिचौली और लो-बोल्टेज के दिन दूर होने वाले हैं। बिजली की कमी नहीं रहेगी और अब गुणवत्ता वाली बिजली मिलेगी। 50 साल की जरूरत को देखते हुए पीपीपी मॉडल पर रामपुर और संभल में नए बिजलीघर का निर्माण हो रहा है। शासन ने दोनों केंद्रों की भूमि …
मुरादाबाद, अमृत विचार। मंडल में बिजली की आंख मिचौली और लो-बोल्टेज के दिन दूर होने वाले हैं। बिजली की कमी नहीं रहेगी और अब गुणवत्ता वाली बिजली मिलेगी। 50 साल की जरूरत को देखते हुए पीपीपी मॉडल पर रामपुर और संभल में नए बिजलीघर का निर्माण हो रहा है। शासन ने दोनों केंद्रों की भूमि का मुआवजा जारी कर दिया है।
अगले साल यानी 2021 के सितंबर तक दोनों केंद्रों से बिजली का वितरण शुरू हो जाएगा। उसके बाद मंडल बिजली की उपलब्धता और वितरण के मानकों पर आत्मनिर्भर हो जाएगा। रामपुर में 19 और संभल में छह एकड़ भू-भाग पर बिजलीघर का निर्माण हो रहा है। ठेका पाई कंपनी अगले 35 साल तक बिल वसूलेगी है। केंद्र सरकार ने गांव गांव को पर्याप्त और गुणवत्ता वाली बिजली ऐसे का ऐलान किया है। यह परियोजना उसी कड़ी में शामिल है। समय से काम पूरा करने के लिए सरकार की ओर से भूमि का मुआवजा दे किया गया है। इस मद में कुल 25 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए हैं।
रामपुर केंद्र की क्षमता 765 केबीए और संभल की 400 केबीए होगी। अभी मुरादाबाद से रामपुर और संभल को बिजली दी जाती है। रामपुर केंद्र के चालू होने से मुरादाबाद का भार कम हो जाएगा, जबकि संभल अमरोहा जिले को भी बिजली की आपूर्ति करेगा। अभी केवल मुरादाबाद में 500 केबीए क्षमता का बिजलीघर है। रामपुर केंद्र सात सौ करोड़ रुपये खर्च कर बन रहा है। जबकि संभल केंद्र के लिए 400 करोड़ का बजट मिला है। कंपनी सरकारसे बिजली खरीदकर लाएगी और वितरित करेगी। दोनों बिजलीघर के शुरू हो जाने से मंडल में बिजली का पर्याप्त संग्रह रहेगा।
यह होगा फायदा
घर से लेकर उद्योग को खूब मिलेगी बिजली
कारखानों को भी गुणवत्ता वाली होगी आपूर्ति
मुरादाबाद जिले का भार होगा पूरी तरह खत्म
एडवांस संसाधन से 50 साल तक मिलेगी बिजली
अब लंबी लाइन पर आपूर्ति का भार होगा खत्म
मंडल में कम होगी आपाधापी
अभी मंडल की बिजली आपूर्ति मुरादाबाद से ही होती है। ऐसे में किसी फाल्ट से मुरादाबाद के साथ संभल और रामपुर में अंधेरा छा जाता है। विभाग को वैक्ल्पिक प्रयास में काफी समय खर्च करना पड़ता है। इस दौरान लोगों की दिक्कत बढ़ी रहती है। दोनों बिजलीघर वेस्ट के मंडलों में मुरादबाद की पहचान बदल देंगे। अभी गाजियाबाद में बड़ी क्षमता के केंद्र हैं।
शुभेंदु प्रताप सिंह एसई मुरादाबाद (वितरण) ने बताया कि भारत सरकार की बड़ी कंपनी पावर-ग्रिड को रामपुर और संभल के बिजली घर का निर्माण और आपूर्ति का ठेका मिला है। कोरोना काल की वजह से निर्माण के लिए तीन माह का अतिरिक्त समय दिया गया है। दोनों केंद्रों की भूमि का पैसा सरकार की ओर से दे दिया गया। बहुत तेजी के साथ बिजली घरों का निर्माण हो रहा है। दोनों केंद्रों से बिजली का वितरण आत्मनिर्भर हो जाएगा।
आशुतोष मिश्र
