बरेली: भूमि वालों को भूमिहीन दिखाकर बांटे पट्टे, लेखपाल निलंबित
बरेली,अमृत विचार। फरीदपुर तहसील में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने साठगांठ कर उन ग्रामीणों को पट्टे बांट दिए जिनके नाम भूमि पहले से दर्ज है। ग्राम टांडा सिकंदरपुर की सुनीता देवी की शिकायत पर एसडीएम विशु राजा ने जांच करायी तो कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हुई। 28 में से कई पट्टे भूमि वाले ग्रामीणों को …
बरेली,अमृत विचार। फरीदपुर तहसील में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने साठगांठ कर उन ग्रामीणों को पट्टे बांट दिए जिनके नाम भूमि पहले से दर्ज है। ग्राम टांडा सिकंदरपुर की सुनीता देवी की शिकायत पर एसडीएम विशु राजा ने जांच करायी तो कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हुई। 28 में से कई पट्टे भूमि वाले ग्रामीणों को दे दिए गए। एसडीएम ने जांच के बाद दोषी करार देते हुए हल्का लेखपाल अजीत बाबू को निलंबित कर दिया है जबकि राजस्व निरीक्षक को दोषी करार दिया है।
मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय पहले ही भेजी जा चुकी है। अब राजस्व निरीक्षक धीरपाल सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए एसडीएम ने संस्तुति करते हुए अपनी आख्या अपर जिलाधिकारी प्रशासन को भेजी है।
एसडीएम ने आख्या में कहा है कि 18 जुलाई को हल्का लेखपाल और राजस्व निरीक्षक ने ग्राम टांडा सिकंदरपुर में 28 पट्टे आवंटित करने की आख्या तहसीलदार के जरिये उनके समक्ष प्रस्तुत की। इसमें क्रमांक एक से 14 तक अनुसूचित जाति, क्रमांक 15 से 28 तक पिछड़ी जाति के शामिल हैं। लेखपाल ने अपनी आख्या में सभी को भूमिहीन बताया था। सुनीता देवी ने अपात्रों को पट्टा आवंटित करने का आरोप लगाते हुए लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
23 सितंबर को शिकायत मिली। 24 सितंबर को क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को पत्र जारी करते हुए पट्टे प्रस्ताव में शामिल व्यक्तियों के संबंध में स्पष्ट आख्या एवं स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे। 25 सितंबर को लेखपाल ने स्पष्टीकरण के साथ आख्या प्रस्तुत की।
इसमें देवदत्त पुत्र बाबूराम, किशन लाल पुत्र छदम्मी, महेंद्र पुत्र रामभरोसे, ब्रजलाल पुत्र कढेर, रेशमा पत्नी स्व.रमेश, राघवेंद्र पुत्र हुकुम सिंह, ब्रह्मपाल पुत्र जगदीश, मुलायम पुत्र गोकरन, कुसुमा देवी पत्नी स्व. गंगाराम, हरप्रसाद पुत्र अग्रसेन, धर्मेंद्र पुत्र कालीचरन, मनोज पुत्र सुखपाल, लेखराज पुत्र नेतराम, सोहन गिरी पुत्र सुखपाल गिरि, राधेश्याम पुत्र नेतराम, मुन्नी देवी पत्नी स्व.सत्यपाल, गेंदन पुत्र अग्रसेन, राजेश कुमार पुत्र राम किशन भूमिहीन ग्रामीण हैं। इनमें से कुछ के पिता के नाम भूमि दर्ज है लेकिन पट्टेदार पिता से अलग रह रहे हैं।
साठगांठ से इन्हें आवंटित कर दिये पट्टे
पट्टेदार अरविंद कुमार पुत्र रोशन लाल, बबलू पुत्र नन्हकू, पट्टेदार वर्मा पुत्र भग्गी, बाबू राम पुत्र सुखलाल, किशनलाल पुत्र सुखलाल, रामस्वरूप पुत्र ढुलार, प्रेमराज पुत्र रामभरोसे, इंद्रपाल पुत्र रामगोपाल के नाम टुकड़ों में काफी भूमि रिकार्ड में दर्ज है। लेखपाल और राजस्व निरीक्षक पर साठगांठ कर इन्हें पट्टे आवंटित करने का आरोप है।
