बरेली: क्या कहूं अख्तर रजा क्या आप हैं, मुफ्तिये आजम का जलवा हैं आप

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। आला हजरत के 102वें उर्स-ए-रजवी की सभी रस्में पूरी अकीदत के साथ अदा की जा रही हैं। खानकाहे ताजुश्शरिया और मदरसा जामियातुर रजा में ताजुश्शरिया और मुफ्ती-ए-आजम के कुल की रस्म काजी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी और जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, उर्स प्रभारी सलमान मियां की निगरानी में अदा की …

बरेली, अमृत विचार। आला हजरत के 102वें उर्स-ए-रजवी की सभी रस्में पूरी अकीदत के साथ अदा की जा रही हैं। खानकाहे ताजुश्शरिया और मदरसा जामियातुर रजा में ताजुश्शरिया और मुफ्ती-ए-आजम के कुल की रस्म काजी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी और जमात के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, उर्स प्रभारी सलमान मियां की निगरानी में अदा की गई।

उर्स-ए-रजवी के दूसरे दिन सुबह फजर की नमाज के बाद दरगाह ताजुश्शरिया और मदरसा जामियातुर रजा में कुरानख्वानी का आयोजन किया गया। इसके बाद नात व मनकबत की महफिल सजाई गई। इसके बाद कुरान शरीफ की तिलावत के साथ कार्यक्रम का आगाज हुआ। इसमें हनीफ रजा बरेलवी और गुलाम मुरतजा अजहरी ने ताजुश्शरिया की शान में पढ़ते हुए कहा कि ‘क्या कहूं अख्तर रजा क्या आप हैं, मुफ्तिये आजम का जलवा आप हैं’ दूसरे कलाम में कहा कि ‘अपने ही नहीं शैदा गैरों ने तुझे माना तू ताजुश्शरियत है आलम तेरा दीवाना।’

ताजुशारिया की जिंदगी पर रोशनी डालते हुए मुफ्ती अफजाल रजवी ने कहा ताजुश्शरिया को अल्लाह ने जहेरी हुस्न ओ जमल के साथ इल्मी कमाल भी अता फरमाया था। शाम को 7 बजकर 14 मिनट ताजुश्शरिया मुफ्ती मोहम्मद अख्तर रजा खां (अजहरी) मियां के कुल की रस्म अदा की गई।

इमाम अहमद रजा खां कांफ्रेंस में जुड़े देश-विदेश के उलेमा
अजहरी मियां के कुल की रस्म के बाद इशा की नमाज के बाद मदरसा जामियातुर रजा में इमाम अहमद रजा खां कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। इसका आगाज कारी शर्फोद्दीन ने कुरान शरीफ की तिलावत से किया। कांफ्रेंस में देश-विदेश के उलमा-ए-इकराम ने आला हजरत इमाम अहमद रजा खां, मुफ्ती आजम हिन्द और ताजुश्शरिया की जिंदगी पर रोशनी डाली। मुफ्ती अफजाल ने कहा कि मुफ्ती अजाम कौम के मसीहा और हमदर्द थे, उनके दरबार में अमीर और गरीब को एक बराबर सम्मान दिया जाता था। मुफ्ती असजद मियां की सरपरस्ती और उलमा-ए-इकराम की मौजूदगी में रात में 1 बजकर 40 मिनट पर मुस्तफा रजा खां (मुफ्ती-ए-आजम हिन्द) के कुल की रस्म अदा की गई।

जमात के प्रवक्ता समरान खान ने बताया कि काजी-ए-हिन्दुस्तान ने मुल्क की खुशहाली के लिए खुसूसी दुआ की। कार्यक्रम की निजामत मौलाना शम्स रजा और मौलाना गुलजार ने की। मौके पर हुस्साम मियां, हुम्माम मियां, मुफ्ती आशिक हुसैन, मुफ्ती साजिद अली मिस्बाही, सैय्यद मुशीर मियां माहरारा, हुजूर गयासे मिल्लत काल्पी शरीफ, फरमान मिया, बुरान मिया, मंसूब मिया, कारी काजिम, मौलाना शकील, कारी फैजू नबी, मौलाना शाहमत रजा, मौलाना सैफ अली कादरी, शमीम खां सुल्तानी, डा. मेहंदी हसन, हाफिज इकराम रजा खां, शमीम अहमद, मौलाना निजामुद्दीन, मोहम्मद कलीम उद्दीन, बख्तियार खां, नदीम अहमद आदि मौजूद रहे।

संबंधित समाचार