बरेली: क्राइम ब्रांच के दो दरोगाओं समेत दस निलंबित, एफआईआर दर्ज
बरेली, अमृत विचार। क्राइम ब्रांच की अवैध वसूली के बंटवारे और दारू पार्टी के वीडियो की जांच के बाद एसएसपी ने दो दरोगाओं समेत दस पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। एसएसपी की इस कार्रवाई से जिले में …
बरेली, अमृत विचार। क्राइम ब्रांच की अवैध वसूली के बंटवारे और दारू पार्टी के वीडियो की जांच के बाद एसएसपी ने दो दरोगाओं समेत दस पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इतना ही नहीं उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। एसएसपी की इस कार्रवाई से जिले में खलबली मच गई है। आरोपी दरोगा और इंस्पेक्टर के चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई हैं। वहीं, कप्तान का कहना है कि वसूली की बात अगर सही मिली तो कार्रवाई भी की जाएगी।
एसएसपी ने बुधवार को बताया कि तीन दिन पहले उन्हें क्राइम ब्रांच के तीन-चार वीडियो मिले थे। इनमें क्राइम ब्रांच की टीम उगाही के रुपयों का बंटवारा कर रही थी। एक वीडियो में वे लोग शराब पार्टी कर रहे थे। एसएसपी के आदेश के बाद एसपी क्राइम सुनील कुमार ने वीडियो की जांच की। जांच में पाया गयाा कि वीडियो में टीम के पास जो रुपये हैं, वह गलत तरीके से जुटाए गए हैं।
इसके बाद एसएसपी ने दोपहर में क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर गिरीश चंद्र जोशी, दरोगा अब्बास हैदर, हेड कांस्टेबल तैयब अली, कांस्टेबल रविन्द्र प्रताप सिंह, पुष्पेन्द्र कुमार, विकास कुमार, वीरेन्द्र कुमार, रविशंकर, पुष्पेन्द्र कुमार और ड्राइवर जितेन्द्र राणा को निलंबित करने के आदेश करते हुए उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
एक माह में 13 पुलिसकर्मी निलंबित, एक लाइन हाजिर
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को जिले में आए अभी एक माह भी पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने इंस्पेक्टर किला मनोज कुमार, इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलबीर सिंह, इज्जतनगर थाने की महिला दरोगा को निलंबित किया था। अब क्राइम ब्रांच के दस लोगों को एक साथ निलंबित कर दिया है।
एक जांच और भंग हो गई क्राइम ब्रांच
तीन साल से जिला पुलिस जमकर लूट कर रही थी। इस बीच तब तैनात कप्तानों से इस मामले की शिकायत की गई लेकिन तत्कालीन कप्तानों ने उन शिकायतों को अनसुना कर दिया। इससे भ्रष्ट दरोगा और इंस्पेक्टरों के हौसले बुलंद हो गए थे। अब ताबड़तोड़ कार्रवाई से उगाई करने वाले दरोगा और सिपाहियों की धड़कने तेज हो गई हैं।
जिसने दिया वीडियो उस पर भी रिपोर्ट दर्ज
क्राइम ब्रांच का वीडियो जिसने लीक किया है उसका तबादला दूसरे जिले में होने के बाद भी बरेली पुलिस ने उसके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज किया है जबकि सिपाही ने सोचा था कि दूसरे जिले में जाकर उसका कोई कुछ नहीं कर सकेगा।
रिपोर्ट के साथ होगी विभागीय जांच
क्राइम ब्रांच की टीम को निलंबित करने के बाद उनकी विभागीय जांच भी कराई जाएगी। अगर वह मुकदमे से बच भी जाते हैं तो विभागीय जांच में उनमें से कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हो सकता है इनमें से कई पुलिसकर्मियों की संपत्ति की जांच कराई जा सकती है।
यहां औरों के भी दामन पर लग चुके हैं दाग
– 26 जनवरी 2018 को आंवला में लेखपाल फकीर चंद को एंटी करप्शन टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा।
– 21 सितंबर 2019 को आंवला में ही कानूनगो ओमपाल को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
– 4 अक्टूबर 2019 को भमोरा में डीपीआरओ के कनिष्ठ लिपिक प्रेमपाल रंगे हाथों पकड़े गए।
– अलीगंज के प्रधान को जेल भेजने की धमकी देकर दो दरोगा और सिपाही पर सात लाख रुपये वसूलने के आरोप थे। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है।
– कांकरटोला चौकी इंचार्ज रहे योगेश कुमार को छेड़खानी के मामले में दस हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एंटी करप्शन ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।
– शराब कारोबारी से दरोगा चंद्रकेश और तत्कालीन एसओ भुता पर अपने एकाउंट में मोटी रकम ट्रांसफर कराने के आरोप थे। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई। इस मामले में भी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो चुकी है।
